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25/03/2019
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ambaani gets 3 months pay 453 cr
राष्ट्रीय

अनिल अंबानी को मिले तीन महीने, चुकाएं 453 करोड़ नहीं तो जेल

अक्सर कहा जाता है कि जिनके पास पैसा होता है कानून भी उनपर हाथ डालने में डरता है और इस बात की तो कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी देश के सबसे अमीर बिजनेस परिवार अंबानी परिवार के किसी भी सदस्य को कभी न्याय की चौखट पर एक गुनाहगार के रूप में खड़ा रहना होगा. लेकिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की साख को बरकरार रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के प्रमुख अनिल अंबानी को बड़ा झटका देते हुए टेलिकॉम कंपनी एरिक्सन के बकाये 550 करोड़ रूपये के लिए दोषी करार दे दिया है. ambaani gets 3 months pay 453 cr

इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय अनिल अंबानी के साथ ही उनके दो डायरेक्टरों को अदालत की अवमानना का दोषी करार दिया. इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने अनिल अंबानी को तीन महीने में 453 करोड़ रूपये चुकाने का आदेश दिया इसके साथ ही अनिल अंबानी सहित दोनों डायरेक्टरों रिलायंस टेलिकॉम के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इन्फ्राटेल के चेयरमैन छाया विरानी पर एक-एक करोड़ रूपये का जुर्माना ठोंक दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी चेतावनी दी कि अगर तीन महीने के भीतर यह पैसा अंबानी नहीं चुकाते हैं तो उन्हें तीन-तीन महीने की सजा होगी.

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बता दें कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन और स्वीडन की टेलिकॉम उपकरण निर्माता कंपनी एरिक्सन के बीच समझौता हुआ था लेकिन बाद में अनिल की रिलायंस कम्युनिकेशन घाटे में चली गई. जिसके बाद एरिक्सन ने रिलायंस ग्रुप से अपना नाता तोड़ दिया. लेकिन इसके बाद एरिक्सन ने रिलायंस को 550 करोड़ रूपये बकाये का भुगतान करने को कहा लेकिन अनिल अंबानी ने अपनी खराब हालत का हवाला देते हुए पैसे देने में असमर्थता जताई. ambaani gets 3 months pay 453 cr

जिसके बाद एरिक्सन ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट से अनिल अंबानी को यह आदेश देने की मांग किया कि वह उन्हें एरिक्सन का बकाया पैसा चुकाने का आदेश दे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को एरिक्सन का बकाया चुकाने का आदेश दिया था. हालांकि इसके बाद भी अनिल अंबानी ने एरिक्सन को उसका बकाया नहीं चुकाया जिसके बाद पुनः एरिक्सन ने अनिल अंबानी पर उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवमानना का आरोप लगाते हुए याचिका दायर कि जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें दोषी करार दे दिया.

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इससे पहले भी एरिक्सन की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और विनीत सरन की पीठ ने 13 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जब एरिक्सन इंडिया ने आरोप लगाया था कि रिलायंस ग्रुप के पास राफेल विमान सौदे में निवेश के लिये रकम है, लेकिन वे उसके 550 करोड़ के बकाये का भुगतान करने में असमर्थ हैं. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी ने इस आरोप से इनकार किया था. ambaani gets 3 months pay 453 cr

क्या थी अनिल अंबानी की दलील

सर्वोच्च न्यायालय के अवमानना मामले मे कोर्ट में पेश हुए अनिल अंबानी ने पहले की ही तरह दलील दी कि उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन बड़े भाई मुकेश अंबानी की कंपनी जिओ के साथ संपत्तियों की बिक्री के लिए सौदा कर रही थी लेकिन यह सौदा विफल होने के बाद उनकी कंपनी दिवालियेपन के लिए कार्यवाही कर रही है और ऐसे में कंपनी की रकम पर उसका नियंत्रण नहीं है. इसके साथ ही अनिल अंबानी ने कोर्ट में यह भी सफाई दी कि उन्होंने एरिक्सन के बकाये का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ किया लेकिन वह इस रकम को जुटा नहीं पाए.

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यहाँ यह भी उल्लेख करते चलें अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन पर करीब 47000 करोड़ रूपये का कर्ज है. और मुकेश अंबानी की जिओ के साथ रिलायंस का सौदा विफल होने के पीछे वजह भी यही थी. दरअसल अनिल अंबानी की कंपनी यह चाहती थी सौदे के साथ साथ जिओ 47000 करोड़ के कर्ज का भुगतान करें लेकिन मुकेश अंबानी इसके लिए तैयार नहीं थे. ambaani gets 3 months pay 453 cr

बहरहाल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है और अब अनिल अंबानी के पास दो ही रास्ते हैं कि या तो वो तीन महीने के भीतर एरिक्सन को उसका 453 करोड़ चुकाएं या तीन महीने के लिए जेल जाने के लिए तैयार रहें. फिलहाल अब आगे क्या होता है यह तो तीन महीने बाद ही पता चलेगा क्या होता है लेकिन फिलहाल कुछ दिनों के लिए अनिल अंबानी को राहत मिल गई है.

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