गांधीवादी विचारधारा ही है “अन्ना” की ताकत

सिर पर सफेद टोपी साधारण परिधान और आंखों में समाज की सेवा करने की ललक लेकर 5 अप्रैल 2011 को भष्ट्राचार पर नकेल लगाने के लिए जरूरी जनलोकपाल विधेयक को देश में लागू करने की मांगों सरकार से मनवाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता “अन्ना हजारे” ने एक विशाल आंदोलन दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में किया जिसने तत्कालीन कांग्रेस सरकार की नीव हिलाकर रख दी. इस आंदोलन में लाखों की संख्या में लोगों ने भाग लिया. anna hazare

सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ हर समय आवाज उठाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे वैसे तो अपने सामाजिक योगदानों के चलते पहले से ही चर्चा में रहते थे लेकिन और अधिक प्रसिद्ध 2011 के जन लोकपाल आंदोलन के कारण हुए थे. इसी के मुद्दे पर उन्होंने इसी साल आमरण अनशन में भी किया था जिसके चलते कांग्रेस सरकार को झुकना पड़ा था. anna hazare

लेकिन अन्ना को अन्ना हजारे के नाम से जानने वालों को भी शायद यह पता नहीं होगा कि अन्ना हजारे का असली नाम किसन बाबूराव हजारे है. महाराष्ट्र के अहमदनगर के रालेगन सिद्धि के एक मराठा किसान परिवार में 15 जून 1937 को जन्में अन्ना हजारे एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं. उनके पिता का नाम बाबूराव हजारे और माँ का नाम लक्ष्मीबाई हजारे था. वह 6 भाई हैं जहां अन्ना हजारे के पिता मजदूर थे तो वहीं उनके दादा भारतीय सेना में थे. लेकिन उनके दादा की मृत्यु के बाद उनकी बुआ उन्हें लेकर मुंबई आ गई.

इस दौरान मुंबई में रहकर ही उन्होंने कक्षा सातवीं तक की पढ़ाई की लेकिन परिवार की माली हालत के चलते उन्होंने मुंबई में हीं एक फूल की दुकान पर 40 रुपए प्रति महीने पर नौकरी कर ली. कुछ समय बाद उन्होंने अपनी खुद की एक फूलों की दुकान खोल ली और अपने दो भाइयों को भी मुंबई बुला लिया.

बाढ़ के कारण ड्रम की नाव में बैठकर विदा हुई नई दुलहन, वीडियो हुआ वायरल

वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सरकार की युवाओं से सेना में शामिल होने की अपील पर अन्ना 1963 में सेना की मराठा रेजीमेंट में ड्राइवर के रूप में भर्ती हो गए जहां उनकी पहली नियुक्ति पंजाब में हुई. इसी दौरान 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध छिड़ गया और अन्ना को खेमकरण सीमा पर तैनात किया गया था. anna hazare

इसी बीच 12 नवम्बर 1965 को सेना की चौकी पर पाकिस्तानी हवाई बमबारी में वहाँ तैनात सारे सैनिक शहीद हुए अन्ना ने सेना में 1975 में जम्मू में तैनाती के दौरान सेना में सेवा के 15 वर्ष पूरे होने पर वीआरएस ले लिया और अपने गांव रालेगन सिद्धि में रहने लगे और इसी गाँव को उन्होंने अपनी सामाजिक कर्मस्थली बनाकर समाज सेवा करना शुरु किया.

1999 में अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा की सरकार के कुछ ‘भ्रष्ट’ मंत्रियों को हटाए जाने की माँग को लेकर भूख हड़ताल की. इस बीच सरकार ने उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन अन्ना नहीं माने जिसके बाद सरकार को अंतत: दागी मंत्रियों शशिकांत सुतर और महादेव शिवांकर को हटाना ही पड़ा. anna hazare

इसके बाद 1997 में अन्ना हजारे ने सूचना का अधिकार अधिनियम के समर्थन में मुंबई के आजाद मैदान से अपना अभियान शुरु किया. इस बीच 9 अगस्त 2003 को मुंबई के आजाद मैदान में ही अन्ना हजारे आमरण अनशन पर बैठ गए. 12 दिन तक चले आमरण अनशन के दौरान अन्ना हजारे और सूचना का अधिकार आंदोलन को देशव्यापी समर्थन मिला.

चेहरे के छिद्रों ओपन पोर को ख़तम करने के रामबाण उपाय।

आख़िरकार 2003 में ही महाराष्ट्र सरकार को इस अधिनियम के एक मज़बूत और कड़े विधेयक को पारित करना पड़ा. बाद में इसी आंदोलन ने राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लिया और इसके परिणामस्वरूप 12 अक्टूबर 2005 को भारतीय संसद ने भी सूचना का अधिकार अधिनियम पारित किया.

अन्ना के समाजसेवा में योगदान के लिए उन्हें 1992 में पद्मभूषण के पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया. खास बात यह है कि गांधीवादी विचारों का पालन करने वाले अन्ना कद-काठी में वह साधारण ही हैं. सिर पर गांधी टोपी और बदन पर खादी है. आँखों पर मोटा चश्मा है, लेकिन उनको दूर तक दिखता है और इरादे फौलादी व अटल हैं.

महात्मा गांधी के बाद अन्ना हजारे ने ही भूख हड़ताल और आमरण अनशन को सबसे ज्यादा बार बतौर हथियार इस्तेमाल किया है. उनका मानना है कि ‘बलशाली भारत के लिए गाँवों को अपने पैरों पर खड़ा करना होगा.’ उनके अनुसार विकास का लाभ समान रूप से वितरित न हो पाने का कारण गाँवों को केन्द्र में न रखना रहा है.

मौजूदा वक्त में भी अन्ना अपनी बेदाग छवि के कारण खुद को सशक्त बनाए हुए हैं इसका एक नजारा हाल ही में उस वक्त दिखा जब एक मामले को लेकर अन्ना रालेगण सिद्धि में सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठ गए जिसके बाद उनकी मांगों को मानते हुए महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने उनका अनशन खत्म करवाया. anna hazare

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *