बिहार सरकार जल स्रोतों को करेगी पुनर्जीवित

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने शराब बंदी के बाद जलवायु परिवर्तन के चलते राज्य में आपदाजनक पर ऐतिहासिक पहल की है. दरअसल, बिहार विधान मंडल सत्र के दौरान इस पर असाधारण बैठक की पहल कर स्थिति की गम्भीरता के बारे में सबको आगाह किया गया. नीतीश कुमार ने जहां तालाब, कुओं, चापाकल सबको एक बार फिर से पुनर्जीवित करने के लिए इसी साल से कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है.

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आपको बता दें कि, शनिवार को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया. सुबह 10.30 बजे से देर रात चली इस बैठक में 200 से ज्यादा सदस्यों ने अपने विचार रखे. सीएम ने सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्र में पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया. नीतीश कुमार ने कहा कि पर्यावरण पर चर्चा करने से लोगों में जागृति आएगी. जलवायु परिवर्तन के चलते कम बारिश, भूजल में गिरावट, पेयजल संकट, बाढ़ और सूखे की समस्या लगातार बढ़ रही है.

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पर्यावरण की रक्षा के लिए सबको सजग होना पड़ेगा.साथ ही नीतीश कुमार ने कहा कि ग्रीन गैस प्रभाव के कारण तापमान बढ़ा है, जिससे जलवायु में परिवर्तन हो रहा है. वाहनों की बढ़ती संख्या, कारखानों के उपयोग, विकास के बदलते पैमाने के कारण वातावरण दूषित हो रहा है. अंत में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण के प्रति सबको सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि आज कई बीमारियों का कारण जलवायु परिवर्तन है.

उन्होंने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ के बाद हिसाब लेती है और जलवायु परिवर्तन के कारण ही बाढ़ और सूखे की समस्या बढ़ गई है. इससे निजात पाने के लिए नीतीश ने बिहार में हरित क्षेत्र बढ़ाने का दावा करते हुए कहा कि अभी बड़ी संख्या में पौधे लगाने की जरूरत है. गौरतलब है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बेमोसम बारिश, प्राकृतिक आपदाएं और कई समस्याएं आज के समय में देखने को मिल रही है. ऐस में जरूरत है अधिक से अधिक पेड़ लगाने की ताकि ग्लोबल वार्गिंग के खतरे को कम किया जा सके.

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