बीजेपी के लिए अग्नि परीक्षा साबित होगा 4 राज्यों का विधानसभा चुनाव



आगामी समय में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मेघालय और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं जिसको लेकर अभी से राजनीतिक हलचल शुरू हो गयी है. इसको लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी कोशिशें भी शुरू कर दिया है. इन सभी प्रदेशों में न सिर्फ विधानसभा बल्कि लोकसभा चुनाव भी साथ ही होगा ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार इन राज्यों का विधानसभा चुनाव हाई वोल्टेज होगा. bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

मिजोरम को सुरक्षित भी रखना चाहेगी bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

जिसको देखते हुए सभी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. वर्तमान के राजनीतिक समीकरण को देखें तो एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जहाँ भाजपा की सरकार है और मिजोरम में कांग्रेस की तथा तेलंगाना में टीआरएस की सत्ता थी जिसे हाल ही में गिरा दिया गया. एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित तीनों राज्यों में ही भाजपा के खिलाफ जबरदस्त माहौल बना हुआ है.

ऐसे में जहाँ भाजपा को अपना गढ़ बचाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है वहीँ कांग्रेस का भी यही हाल है. कांग्रेस एक तरफ इन प्रदेशों में अपनी वापसी करना चाहेगी तो दूसरी तरफ वह मिजोरम को सुरक्षित भी रखना चाहेगी. लेकिन किसी भी पार्टी के लिए इन राज्यों में जीत हासिल कर पाना आसान नहीं होगा. bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

बदल गया है राजनीतिक समीकरण bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

वर्तमान समय की राजनितिक परिदृश्यों और 2014 के राजनीतिक समीकरण को देंखे इस बार राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल गया है इस बार केंद्र की मोदी सरकार की चुनावी डगर आसान दिखाई नहीं देती है. क्योंकि सरकार विरोधी लहर तेजी से चल रही है. चुनावी परिस्थियों के आंकलन की शुरुआत अगर हम मध्य प्रदेश से करें तो एमपी में पिछले 15 वर्षों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अगुवाई में भाजपा की सरकार है. bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

इस बार भी चुनाव में जीत हासिल कर भाजपा सत्ता में वापसी करना चाहेगी लेकिन इस बार प्रदेश में सरकार की डगर भुत ही मुश्किल है. राज्य में व्यापम घोटाला, किसानों पर लाठीचार्ज और एंटी इन्कंबेसी फैक्टर भाजपा की राह मुस्किल कर सकता हैं. इसके अलावा रोजगार, कर्जमाफी और एट्रोसिटी एक्ट में हाल में किया गया बदलाव भाजपा सरकार को मुश्किल में डाल सकता है. राजनितिक जानकारों की माने तो जिस तरह से त्रिपुरा में एंटी इन्कंबेसी फैक्टर के कारण 25 से सत्तारूढ़ माणिक सरकार की सत्ता चली गयी उसी प्रकार मध्य प्रदेश में भी बदलाव की लहर देखि जा रही है. bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

वहीँ राजस्थान में वसुंधरा सरकार की नीतियों जाट आरक्षण सहित अन्य मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी लहर देखी  जा रही है. जिसका फायदा सीधे तौर कांग्रेस को होगा इसके साथ राज्य में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस सांसद सचिन पायलट के प्रति ज्यादा झुकाव देखने को मिल रहा है. इसके अलावा हाल के दिनों एट्रोसिटी एक्ट में बदलाव के विरोध में सवर्णों में सरकार प्रति गुस्सा साफ़ तौर पर दिखाई दे रहा है. जबकि दलित और ओबीसी समुदाय पहले से ही भाजपा के खिलाफ है. ऐसे में राजस्थान में भाजपा की वापसी मुश्किल है. bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

जबकि छत्तीसगढ़ में भाजपा की स्थिति कुछ अच्छी है बीते चुनाव में जहाँ भाजपा और कांग्रेस में कुछ सीटों के अंतर से हार जीत का फैसला हुआ था. वहीँ इस बार प्रदेश कांग्रेस से अलग होकर अजीत जोगी के नई पार्टी बना लेने से भाजपा की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है. राजनीतिक जानकारों की माने राज्य के आदिवासी समुदायों में अजीत जोगी की लोकप्रियता अच्छी है जो कि सत्तारूढ़ भाजपा के लिए मुश्किल का सबब बनेगा. bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

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इसके अलावा तेलंगाना में जहाँ में भाजपा की राह बिलकुल भी आसान नहीं है. तेलंगाना को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे केसीआर भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं. जानकारों की माने तो केसीआर ने भाजपा की चुनौतियों से निपटने के लिए ही समय से पहले ही राज्य विधानसभा को भंग कर दिया है ताकि भाजपा के साथ होने वाली टक्कर से बचा जा सके. जबकि मिजोरम कांग्रेस के अलावा क्षत्रीय पार्टियाँ भाजपा के लिए चुनौतियाँ बन सकती हैं. क्षेत्रीय मुद्दों के अलावा राफेल डील, काला धन, रोजगार जैसे कई मुद्दे ऐसे है जो भाजपा के गले की हड्डी बन सकते हैं. bjp ke liye agni parikcha hogi 4 rajyo ka chunaw

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( कुलदीप सिंह )