मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी ने बुर्के पर लगाया बैन

burqa banश्रीलंका में बुर्का और मास्क पर प्रतिबंध के बाद भारत में भी कई मुस्लिम प्रगतिशील संगठन ने इसका समर्थन करते हुए ऐसे ही परिपत्र जारी किए हैं हालांकि इसका विरोध भी शुरू हो गया है। जबकि श्रीलंका द्वारा उठाए गए कदम को शिवसेना ने सराहा है और मोदी सरकार से ऐसे निर्णय लेने को कहा है। गौरतलब है कि केरल में एक मुस्लिम शैक्षणिक संगठन ने अपने संस्थानों के परिसरों में किसी भी कपड़े से छात्राओं के चेहरा ढंकने पर पाबंदी लगा दी है। burqa ban

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कोझिकोड के मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी (एमईएस) ने एक परिपत्र जारी करते हुए अपने छात्राओं से अपील की है कि वे चेहरा ढंकने वाला कोई भी कपड़ा पहनकर कक्षा में उपस्थित न हों। यह मुस्लिम शैक्षणिक संगठन एक प्रगतिशील समूह है और यह प्रोफेशनल कॉलेज सहित कई शिक्षण संस्थान चलाता है। ड्रेस कोड का रूढ़िवादी मुस्लिम संगठनों और विद्वानों ने विरोध किया है। वहीं एमईएस का कहना है कि महिलाओं का चेहरा ढंकना एक नया चलन है और राज्य में इस समुदाय के भीतर पहले यह नहीं था। burqa ban

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परिपत्र में एमईएस संस्थानों के अध्यक्ष पी के फजल गफूर ने कहा है कि यह निर्देश 2019-20 शैक्षणिक वर्ष से लागू होंगे। इस कदम को वापस लेने की मांग के बीच गफूर ने स्पष्ट कर दिया कि एमईएस अपने इस फैसले पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ‘धार्मिक कट्टपंथ’ के नाम पर थोपे जा रहे ड्रेस कोड को लागू करने के लिये एमईएस तैयार नहीं है। burqa ban

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