जनसंख्या विस्फोट की स्थिति में भारत, तेजी से बढ़ी आबादी

विश्व की तेजी से बढ़ती जनसंख्या के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए आज के दिन पूरी दुनिया में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है. इसकी शुरूआत 30 साल पहले 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गवर्निंग काउंसिल ने किया था. इसके जरिए संयुक्त राष्ट्र संघ परिवार नियोजन, लिंग समानता, गरीबी, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है.

विश्व की तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र न एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगर इसी तरह जनसंख्या बढ़ती रही तो जल्द ही वैश्विक स्तर पर इसका आंकड़ा लगभग 10 अरब तक पहुंच जाएगा. बता दें कि मौजूदा वक्त में विश्व की कुल आबादी 7.7 अरब से भी ज्यादा हो गई है. खास बात यह है कि दुनिया की आधी से भी ज्यादा आबादी एशियाई देशों में निवास करती हैं. india population 2019

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इस कड़ी में चीन दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है जबकि उसके बाद भारत का नंबर आता है बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है. जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया का सांतवा बड़ा देश है. मतलब यह कि भारत के क्षेत्रफल के हिसाब से भारत में कहीं अधिक आबादी निवास करती है. india population 2019

गौरतलब है कि, 1951 में भारत की आबादी 36 करोड़ थी जो अब बढ़कर 133 करोड़ पार हो गई है. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जनसंख्या के मामले में हम साल 2027 तक चीन को पीछे छोड़ काफी आगे निकल जाएगें. भारत में खासकर बच्चों की जनसंख्या में बीते कुछ सालों में तेजी से वृद्धि हुई है. इसका परिणाम देश में गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, निवास, खेती के लिए जमीन इत्यादि की समस्याओं के रूप में देखने को मिल रहा है. स्थिति यह है कि खेती योग्य जमीनों पर लोगों ने आवास बना लिए हैं जिससे खेती के लिए जमीन खत्म हो रही हैं.

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जनसंख्या को लेकर हिस्ट्री डॉटाबेस ऑफ द ग्लोबल एनवॉयरमेंट ने अपनी रिपोर्ट मे कहा है कि पिछले 12 सालों में दुनिया में जन्में लोगों में से चीन में 19.9 फीसदी तो भारत में 29.8 फीसदी लोग पैदा हुए हैं. अगर इन दोनों देशों के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो दुनिया की कुल आबादी का आधा हिस्सा इन दोनों देशों में ही जन्मा है.

यह जानकर भी ताजुब होगा कि साल 1800 में दुनिया की आबादी ने 100 करोड़ के आंकड़े को छुआ था जबकि 1989 में यह बढ़कर 500 करोड़ तक पहुंच गया. तब से अब तक यह आंकड़ा 770 करोड़ पहुंच गया है. अगर इस तरह से भारत में भी जनसंख्या बढ़ती रही तो आने वाले समय में बेरोजगारी, शिक्षा, रहने के लिए मकान, पीने की पानी किसानों के लिए जमीन की आदि की समस्याएं बढ़ जाएंगी. india population 2019

वहरहाल देश में जनसंख्या की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि गुणात्मक तरीके से बढ़ रही देश की जनसंख्या के नियंत्रण के लिए अगर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो निकट भविष्य में देश को इसके भीषण परिणाम झेलने पड़ सकते हैं. 

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