मेघालय ने बनाई जल नीति, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य

कहते है जल ही जीवन है और जल नहीं तो कुछ भी नहीं. वर्तमान में पानी की कमी देश के कई राज्यों में देखने को मिली रही है लेकिन इसी बीच देश का उत्तर पूर्वी राज्य मेघालय जल नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है.

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इस मुद्दे पर मेघालय के डिप्टी सीएम प्रिस्टोन तिनसॉन्ग कहते हैं कि इस नीति का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के साथ सतत विकास और जल संसाधनों का उपयोग करना है और जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण और नदी प्रदूषण जैसे मुद्दों को भी इसमें रेखांकित किया गया है. आपको बता दे कि जल संरक्षण के महत्व की चर्चा खुद पीएम नरेन्द्र मोदी भी कर चुके हैं जहां पंचायत प्रमुखों के नाम लिखे पत्र में उन्होंने बारिश के पानी को संग्रित करने पर लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया है.

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गौरतलब हे कि वर्तमान में कई राज्यों में पानी की किल्लत साफ देखी जा सकती है. हर साल पानी की कमी के कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अगर समय रहते जल संऱक्षण को लेकर उपयुक्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

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