जियो को लगा झटका

रिलायंस जियों को दिल्ली हाईकोर्ट झटका लगा है. दरअसल, रिलायंस जियो ने हाई कोर्ट में अर्जी डाली थी की टेलीकॉम रेगुलेटर के पोर्टिंग फीस पर लगभग 80 प्रतिसत कम की जाये पर हाई कोर्ट ने जियो की इस अर्जी को ख़ारिज कर दिया है।

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आपको बता दे की इससे पहले मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सर्विस प्रोवाइडर, सिनिवर्स टेक और एमएनपी इंटरकनेक्शन के लिए टेलीकॉम कंपनियों से 120 करोड़ रुपये के बकाये पर दावा करने का रास्ता खुल जाने की बात सामने आ रही है. वहीं 1 अप्रैल को मुकेश अंबानी की कंपनी जियो ने दिल्ली उच्च न्यायालय की तरफ से 8 अप्रैल को जारी आदेश के खिलाफ अपील की थी।

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अदालत ने उस आदेश के जरिए पोर्ट ट्रांजैक्शन चार्ज उन्नीस रुपये से घटाकर चार रुपये करने वाले ट्राई के पन्द्रह महीने पुराने रेगुलेशन को खारिज कर दिया था। हांलाकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्राई के उस रेगुलेशन को अवैध करार दिया था.

इसके अलावा जियो ने कहा था कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सर्विस प्रोवाइडर्स ने पोर्टिंग फीस से जुड़ी सूचनाओं को दबाया गया है और अगर उसके दावों को स्वीकार नहीं किया जाता है तो उससे थर्ड पार्टी यानि टेलीकॉम कंपनी के हितों को नुकसान हो सकता है

. वहीं आपको बता दे कि सिनिवर्स टेक और एमएनपी इंटरकनेक्शन ने अदालत में जियो की दलील को चुनौती दी थी और कहा था कि कि वे इस बारे में जियो सहित सभी टेलीकॉम कंपनियों को इनवॉयस/संबंधित सूचनाओं के जरिए लगातार सूचित करती रही थीं कि ट्राई के रेगुलेशन के हिसाब से पोर्टिंग फीस घटाकर 4 रुपये किए जाने का मामला अदालत में विचाराधीन है।

इसके अलावा उसे चुनौती भी दी गई है और यह भविष्य में बढ़ाया जा सकता है. अब इस मामले को लेकर आने वाले दिनों में किस प्रकार की खबरें सामने आएंगी ये देखना बांकी है.

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