दुष्कर्म पीड़िता के साथ पुलिस ने की बदतमीज़ी




उत्तर प्रदेश पुलिस का गैर-जिम्मेदाराना रवैया एक बार फिर सामने आया है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सामने आए एक मामले में बलात्कार पीड़िता साक्ष्य लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंची लेकिन पुलिस ने बिना जांच किए ही फैसला सुना दिया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार हर दिया और कहा कि पीड़ित महिला झूठा आरोप लगा रही है। police denied filed fir 

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बलात्कार का शिकार हुई पीड़ित ने वारदात के वक्त आरोपी का कान काट लिया और उसे ही सबूत के तौर पर लेकर वह पुलिस थाने पहुंची थी। उसकी बात सुनना तो दूर, पुलिस ने न तो साक्ष्य को स्वीकार किया और न ही पीड़ित का मेडिकल करवाया। जब पीड़ित थाने पहुंची तो आरोपी पहले ही अपने लोगों के साथ वहां मौजूद था। आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर मामले को दबाने का काम किया है। police denied filed fir