उत्तर-पश्चिमी भारत में आंधी-तूफान का कहर, 30 से अधिक को निगला

मंगलवार देर रात आए भीषण आंधी-तूफानों और प्राकृतिक झंझावातों ने पूरे उत्तर पश्चिम भारत को हिला कर रख दिया है. इस भीषण अंधड़ के कारण अलग-अलग राज्यों में अब 30 से भी अधिक जाने जा चुकी है. भारी बारिश और ओले पड़ने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और यूपी समेत देश के कई राज्यों में इस तूफान ने भारी तबाही मचाई है. इसमें अकेले राजस्थान में ही 6 लोग का ग्रास बन गए हैं. इस प्राकृतिक आपदा पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात मे तूफान में मारे गए लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की तत्काल सहायता प्रधानमंत्री सहायता कोष से देने का एलान किया है.

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देर रात जब लोग अपने घरों में सो रहे थे उसी दौरान तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई जिसमें राजस्थान में 6, गुजरात में 9 लोग, मध्य प्रदेश में कम से कम 16 लोगों के मरने और कईयों के घायल होने की खबरें हैं. इसके साथ ही पूरे उत्तर भारत के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है. भारी बारिश के कारण तापमान 11 डिग्री तक गिर गया.

पीएम की सहायता पर राजनीति शुरू:

इस भीषण झंझावात में गुजरात मे मारे गए लोगों के परिजनों को पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख की सहायता देने का एलान किया था. जिस पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है. इस कड़ी में मध्यप्रदेश का सीएम कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आंधी और तूफान में मारे गए लोगों के साथ मुआवजे में भेदभाव करने का आरोप लगाया है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  ट्विटर के जरिए में देश के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान में मारे गए लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान कर दिया.

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