लोकसभा चुनाव : बंगाल में अंतिम रण के लिए CRPF की 800 कंपनियां तैनात

पश्चिम बंगाल में 6 चरणों में वोटिंग के दौरान हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा कदम उठाते हुए फैसला लिया था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार 72 घंटे पहले ही बंद कर दिया जाएगा. इसेक साथ ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सातवें चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल में अर्धसैनिक बलों की 800 कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है.

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लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में जमकर हिंसा देखने को मिली है जिसकी चर्चा पूरी देश में लगातार हो रही है. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने केंद्र को रिपोर्ट देकर उनसे संज्ञान लेकर राज्य में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी है. राज्पाल द्वारा दिए गए रिपोर्ट में पुरे हिंसा का ब्योरा दिया गया है कि किन – किन मत्तदान केन्द्रों पर घटनाये हुई है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने राज्पाल की रिपोर्ट को लेकर राज्य की नागरिको की सुरक्षा की सिफारिश की है।

यह सब्जी नहीं ब्लड बनाने की मशीन है

मीडिया रिपोर्ट के मुताबित मतदाताओं को भयमुक्त किए जाने की बात कही गई है। ऐसा नहीं होने पर लोगों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तौर से मतदान करने के बुनियादी अधिकारों का इस्तेमाल करने में मुश्किल होने की बात कही है. वहीं सरकारी अधिकारी ने कहा की , पश्चिम बंगाल प्रशासन ने अर्धसैनिक बलों के 900 कंपनियां मांगी थीं, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई और राज्यों में भी उसी दिन मतदान होने के कारण केंद्र सरकार उसे CAPF की 700 कंपनियां देने पर राजी हुई है।

साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि केंद्रीय बलों के अलावा वेस्ट बंगाल सरकार राज्य में 110 से ज्यादा स्टेट आर्म्ड फोर्सेज की तैनाती करेगी, जिससे राज्य में अंतिम चरण के मतदान के लिए उपलब्ध जवानों की कंपनियों की संख्या 800 से ज्यादा हो जाएगी. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 19 मई 9 लोकसभा सीटों पर मतदान होने है जिसको लेकर चुनाव आयोग ने अपनी कमर कस ली है. आपको बता दे कि लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव परिणाम 23 मई को घोषित किए जाएंगे.

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