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अग्निपथ भर्ती स्कीम से जुड़ी सभी याचिकाओं पर आज से दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

इन याचिकाओं को ट्रांसफर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इतनी ज्यादा संख्या में याचिकाएं न तो जरूरी हैं और न ही ये सही ढंग से भेजी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- नेशनल इश्यू का मतलब ये नहीं कि उसकी सुनवाई हाईकोर्ट में नहीं हो सकती है।सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि हाईकोर्ट्स या तो अपने यहां की याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दें। या फिर इन याचिकाओं को पेंडिंग रखें, वो भी इस शर्त के साथ कि याचिकाकर्ता इन्हें लेकर दिल्ली हाईकोर्ट जा सकते हैं।अग्निपथ स्कीम को लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा अग्निवीर स्कीम की आड़ में ‘जातिवीर’ बनाने की कोशिश कर रही है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि अग्निवीर के तौर पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों से जाति और धर्म के प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं। वहीँ विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए भाजपा ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में जाति प्रमाणपत्र मांगा जाना सामान्य प्रक्रिया है। इसके अलावे ‘भारतीय सेना ने सफाई देते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जाति और धर्म के कॉलम शुरुआत से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

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