सऊदी से लौट रहे व्यक्ति को नशीली दवा खिलाकर लूटा, हुई मौत

गोपालगंज के पंचदेवरी प्रखंड के गांव कोटवां महुआवां के हाकिम अंसारी का बेटा मुसाफिर अंसारी सऊदी अरब से अपने वतन लौटते वक़्त गोरखपुर के पास हाटा में नशाखुरानी गिरोह का शिकार हो गया. जहां अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई.  

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो वर्षों तक सऊदी अरब में काम करने के बाद मुसाफिर अंसारी बीते 12 अगस्त को सऊदी अरब से राजधानी दिल्ली के लिए फ्लाइट लिया और दिल्ली पहुँचकर गोरखपुर के लिए एक दूसरी फ्लाइट ली और 2:30 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पर पहुंच गया.

इसके बाद उन्होंने अपने बेटे नवाब अंसारी से बात किया कि मैं अच्छी तरह से में गोरखपुर पहुंच गया हूं और एक टैक्सी भी घर के लिए बुक कर दिया हूं. अब मैं कुछ ही घंटों में घर पहुँच जाऊंगा, मगर नियति को तो कुछ और ही मंजूर था.

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आपको बता दें कि इसके बाद सुबह 4:00 बजे मुसाफिर के छोटे भाई इद्रीश अंसारी के पास एक अंजान नंबर से कॉल आती है कि आप के परिवार के किसी सदस्य को गोरखपुर मेडिकल हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है, आप जल्द आकर संपर्क करें. 

इसके बाद घर के परिजन गोरखपुर मेडिकल में पहुंच गए. पहुंचने के बाद परिजनों ने मेडिकल के प्रबंधन में बात की तो प्रबंधन ने बताया कि मुसाफिर लावारिश अवस्था में गोरखपुर और हाटा  के बीच यादव ढाबा के पास पाए जाने के बाद. किसी स्टूडेंट्स ने 108 नम्बर पर कॉल कर घटना की सूचना दी थी.

बता दें कि, गोरखपुर मेडिकल अस्पताल में घंटों इलाज के बाद स्थिति में सुधार न हुई तो मुसाफिर अंसारी को डॉक्टरों ने गोरखपुर के सिटी अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां ICU में उन्हें तीन दिनों तक रखा गया. अंत में बीते शुक्रवार को 10 बजे मुसाफिर अंसारी इस दुनिया को अलविदा कर दिया. इसके बाद परिजनों ने शव को वापस अपने घर लेकर आये और दफन किया.

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गौरतलब है कि गोरखपुर कुश्मी-जंगल से लेकर हाटा के बीच इस प्रकार के वारदात आए दिन होते रहते हैं. मगर यहां की शासन-प्रशासन भी इस नशाखुरानी गिरोह को पकड़ने में नाकाम रहती है. ऐसे में सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से एक्शन लेना चाहिए तभी इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकेगी.

मुस्तकीम अंसारी

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