मंत्री नंद गोपाल नन्दी ने पुनर्जन्म महोत्सव की तैयारियों का लिया जायजा

12 जुलाई का वो दिन जिसे नन्दी परिवार याद करके आज भी सहम जाता है. विस्फोट की आवाज़ से पूरा इलाका थर्रा गया था. पूरे इलाके में चीख पुकार मची थी और तत्कालीन बसपा सरकार के मंत्री नन्दी का जिस्म खून से लहूलुहान हो चुका था. कई लोगों की मौत हो गयी थी लेकिन कहते हैं ना कि जाको रखे साईयां मार सके न कोय और हुआ भी यही सावन के महीने की 12 जुलाई तारीख 2010 में नन्दी शिव मंदिर से जल चढ़ाकर आ रहे थे.

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तभी उन पर रिमोट से  बम ब्लास्ट करवाया गया था और 7 महीने 7 दिन मौत से संघर्ष करने के बाद अपनी जिंदगी में दुवारा वापस आ सके मंत्री नन्दी। आज 9 साल पूरे हो गए इस घटना को तब से हर वर्ष 12 जुलाई को नन्दी परिवार पुनर्जन्म महोत्सव मानता है और शिव रुद्राभिषेक और भंडारा का आयोजन किया जाता है जिसमे कई वीवीआईपी समेत लाखो लोग पूजा में सम्मिलित होते हैं और भंडारा का प्रसाद खाते हैं।

यह कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता है। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेते हुए मंत्री नन्दी ने बताया कि ये जीवन भगवान शिव की कृपा और मेरे सभी चाहनेवाले की दवाओं से मिला है नही तो जिस तरह का हमला हुआ था बचना नामुमकिन था। इसलिए मैं हर वर्ष  12 जुलाई को शिव रुद्राभिषेक करता हु और प्रसाद वितरण करता हु ।

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नंद गोपाल नन्दी सियासत में काम समय मे अपना बड़ा मुकाम बनाने वाले राजनेताओं में से हैं । वर्तमान में नन्दी उत्तर प्रदेश सरकार में नागरिक उड्डयन, स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन विभाग संभाल रहे हैं और व्यापारियों के बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं।

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