ख़तरे में सोनिया का गढ़  ‘रायबरेली’, भाजपा मारेगी बाजी!

सत्रहवीं लोकसभा चुनावों के पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है और दूसरे चरण के लिए आज मतदान हो रहा है. 2014 मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र में पहले तक देश की सबसे हाट सीट रायबरेली से दिल्ली की सत्ता का सफर तय होता रहा हैं इसका मुख्य कारण यह रहा कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी यहां से सांसद रही है. वह करीब 30 सालों से यूपी की रायबरेली सीट पर कब्जा की हुई हैं. य़हां वह पर 2004 से लगातार जीत रही हैं. इस सीट से वह 4 बार सांसद रह चुकी हैं. यही कारण है कि यह सीट हमेशा से देश की सबसे हाट सीट मानी जाती रही है.sonia gandhi raebareli

दिल्ली से करीब 650 किलोमीटर दूर रायबरेली को कांग्रेस की पुश्तैनी सीट कहा जाता है. और यहीं से अब तक देश के भविष्य का फैसला होता रहा है. इस सीट पर कांग्रेस 1952 से अब तक 16 बार जीत चुकी है. रायबरेली में कांग्रेस को सिर्फ 3 बार हार का सामना करना पड़ा है. यहां पर 1977 में छठे लोकसभा चुनावों के दौरान जनता पार्टी के राज नारायण ने जीत दर्ज किया था.

उसके बाद 1996 और 1998 में भाजपा के अशोक सिंह ने यहां पर जीत हासिल कर वाजपेयी सरकार में सांसद बने थे. लेकिन जब 2004 में भाजपा यहां पर हारी उसके बाद से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी यहां से लगातार जीतती आ रही हैं.sonia gandhi raebareli

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2014 में जब मोदी लहर आई उस दौरान भी सोनियां गांधी अपनी सीट बचाने में कामयाब रही थी यहां उन्होंने भाजपा के अजय अग्रवाल को हराया था. बता दें कि उस दौरान भाजपा उम्मीदवार रहे अजय अग्रवाल को मात्र 1,73,721 वोट मिले थे. लेकिन इस बार सोनिया गांधी को उनके गढ़ में चुनौती देने के लिए बीजेपी ने दिनेश प्रताप सिंह पर दांव खेला है.sonia gandhi raebareli

माना जा रहा है कि इस बार भाजपा सोनिया गांधी को उनके गढ़ मे कड़ी टक्कर देगी. इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है कि इन पिछले 5 वर्षों में मोदी सरकार ने राय़बरेली में कई योजनाएं लेकर आई है. इसके साथ ही खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार राय़बरेली का चुनावी दौरा किया है. और यहां पर कई रोजगार परक योजनाओं को शुरू किया. जिससे इस बार माना जा रहा है कि भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह सोनिया गांधी को कड़ी टक्कर दे सकते हैं.sonia gandhi raebareli

राजनैतिक जानकारों की माने तो यह चुनाव कांग्रेस के अस्तित्व का चुनाव बन गया है. क्योंकि मौजूदा समय में देश में राष्ट्रवाद और मजबूत बनाम मजबूर सरकार की लहर चल रही है. जिस कारण से सोनिया गांधी के हारने की संभावनाएं है. बहरहाल यह तो 23 मई के बाद स्पष्ट तौर पर पता चल पाएगा लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखे तो फिलहाल सोनिया गांधी की सीट सुरक्षित दिखाई दे रही है. sonia gandhi raebareli

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