अखबारों में पढ़ा तो पता चला कोरोना का टीका लेना है कितना जरूरी

खुद तो टीका लिया ही, अब लोगों को भी कर रहे हैं जागरूक
खरीक प्रखंड के युवा लोगों को समझा रहे हैं टीका का महत्व

भागलपुर-

कोरोना उन्मूलन को लेकर जिले में तमाम तरह के जागरूकता अभियान चल रहे हैं। जांच और इलाज के साथ अभी टीकाकरण अभियान जिले में काफी तेज गति से चल रहा है। टीका लेने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम तो लोगों को जागरूक कर ही रही है, साथ में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और युवा वर्ग के लोग भी टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसमें अखबारों का प्रभाव भी सराहनीय रहा है। खरीक प्रखंड के कुछ युवा अखबारों में ही खबर पढ़कर टीका के महत्व को समझा। इसके बाद उनलोगों ने न सिर्फ खुद टीका लिया, बल्कि अब दूसरे लोगों के भी टीका लेने के लिए जागरूक किया।
खरीक बाजार के पूर्वी घरारी के रहने वाले किशोर कुमार पंडित कहते हैं कि जब टीकाकरण की शुरुआत हुई थी तो उनलोगों में टीका के प्रति भय था। डर लग रहा था कि टीका लेने के बाद पता नहीं क्या साइड इफेक्ट हो जाएगा। कोरोना होगा या नहीं होगा, यह तो बाद की बात है, लेकिन इससे बचने के लिए टीका लेकर न जाने कौन-सी आफत आ जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार टीकाकरण के लिए आ रही थी, लेकिन हमलोग टीका लेने से बच रह थे। इसी दौरान अखबारों में टीका के प्रति लगातार खबरें पढ़ने को मिलीं। जब टीकाकरण से जुड़ी कई खबरों को पढ़ा तो इसका महत्व समझ पाया। इस बात का अहसास हो गया कि कोरोना से बचने के लिए टीका लेना कितना जरूरी है।
इसके बाद मैंने तो टीका लिया ही, अब लोगों को भी टीका लेने के लिए समझा रहा हूं। इसका असर भी पड़ रहा है। मेरे कहने पर भी कई लोगों ने कोरोना का टीका लिया है।
पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर तो भागने लगते थेः खरीक बाजार के ही अरुण कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का तो काम ही यही है, लेकिन जब अखबारों में टीकाकरण से जुड़ी जानकारी मिली तो इसके महत्व को समझा। उन्होंने तत्काल जाकर कोरोना का टीका लिया। अब लोगों को टीकाकरण के फायदे बता रहे हैं । अब तक उन्होंने 10 लोगों को जागरूक कर कोरोना का टीका दिलवाया है।
मिरजाफरी पंचायत के मोहित कुमार कहते हैं कि यदि अखबारों में सिलसिलेवार तरीके से कोरोना टीका के महत्व के बारे में खबरें नहीं छपतीं तो उन्होंने अभी तक टीका नहीं लिया होता। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी भी काफी सहयोगात्मक रवैया रखते हैं। उनलोगों ने भी टीका के फायदे के बारे में बताया, तब जाकर टीका ले सका। मिरजाफरी के ही रमीज राजा ने बताया कि शुरुआत में हमलोगों को भरोसा नहीं हो पा रहा था। उनकी पंचायत में तो लोग स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर भागने लगते थे, लेकिन जब अखबारों में लगातार लोगों के टीका लेने के बारे में पढ़ा तो धीरे-धीरे लोगों में भरोसा हो गया। अब न सिर्फ मैं, बल्कि मेरी पंचायत के अधिकतर लोग टीका ले चुके हैं। और वे लोग दूसरे लोगों को टीका लेने के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।

अखबारों में खबरें छपने से लोगों में सकारात्मक असर पड़ाः खरीक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मैनेजर मधुकांत झा कहते हैं कि निश्चित तौर पर अखबारों में टीकाकरण के प्रति खबरें छपने के बाद लोगों पर बहुत ही सकारात्मक असर पड़ा। पहले लोगों में भय था कि पात नहीं टीका लेने के बाद क्या हो जाएगा। क्षेत्र के कई लोग नपुंसकता और महिलाएं बांझपन की बात कह रही थी। हमलोग तो उन्हें समझा ही रहे थे, लेकिन जब अखबारों में खबरें छपीं तो उन्हें भरोसा हो गया कि टीका लेने के बाद ही हमलोग कोरोना से सुरक्षित हो पाएंगे

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