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अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी हैं पूरे टीकाकरण कार्यक्रम के नायक- डॉ. एन.के.सिन्हा

• “आस्क द डॉक्टर” वेबिनार श्रृंखला में विश्व टीकाकरण सप्ताह में टीकाकरण के महत्त्व पर हुई चर्चा
• राज्य स्वास्थ्य समिति एवं यूनिसेफ के तत्वावधान में वेबिनार का हुआ आयोजन
• नियमित टीकाकरण, मिशन इन्द्रधनुष-4.0 एवं कोविड टीकाकरण के महत्त्व पर हुई चर्चा
• किशोर/किशोरी करें मिशन इन्द्रधनुष-4.0 में सभी को टीकाकरण के लिए प्रेरित- निपुण गुप्ता
पटना/ 29 अप्रैल- विश्व टीकाकरण सप्ताह 24 से 30 अप्रैल तक मनाया जा रहा है. टीकाकरण की महता को उजागर करने और अधिकाधिक जागरूकता पर बल देने के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य समिति एवं यूनिसेफ के तत्वावधान में “आस्क द डॉक्टर” वेबिनार श्रृंखला में वेबिनार का आयोजन किया गया. वेबिनार में राज्य स्वास्थ्य समिति की तरफ से राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एन.के.सिन्हा ने एक्सपर्ट की भूमिका निभाई और शामिल प्रतिभागियों के सवाल के जवाब दिए.
 वेबिनार में यूनिसेफ की तरफ से संचार विशेषग्य निपुण गुप्ता, डॉ. सिद्धार्थ रेड्डी, डॉ, निर्भय नाथ मिश्रा, ऐश्वर्या एलेग्जेंडर, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक पियूष परांजपेके साथ सदस्य एवं वालंटियर्स, नेहरु युवा केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक अंशुमन दस के साथ सदस्य एवं वालंटियर्स, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि सहित विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों के साथ करीब 200 लोगों ने शिरकत की.
अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी हैं पूरे टीकाकरण कार्यक्रम के नायक- डॉ. एन.के.सिन्हा
वेबिनार के अपने संबोधन में डॉ. एन.के.सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग सभी लोगों को टीकाकरण के सुरक्षा चक्र के अंदर लाने के लिए प्रयासरत है और इसमें प्रगति हुई है. पूरे टीकाकरण कार्यक्रम को समुदाय के अंतिम छोर तक पहुंचाने में अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका सबसे अहम् है. विकट परिस्थितियों में अपने कार्यं को संपादित कर इन कर्मियों ने मिसाल पेश की है. विभाग द्वारा 865 एएनएम की नियुक्ति की है जिससे शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को बल मिला है.
बूस्टर डोज प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जरुरी:
डॉ. एन.के.सिन्हा ने बताया कि जो व्यक्ति दोनों डोज ले चुके हैं और दुसरे डोज के बाद 9 महीने की अवधि पूरी हो चुकी है वे जरुर जाकर बूस्टर डोज लगवाएं. बूस्टर डोज व्यक्ति के प्रतिरोधक क्षमता को बरक़रार रखता है और शरीर को कोविड के किसी भी संक्रमण से लड़ने में मजबूती प्रदान करता है. उन्होंने प्रश्न के जवाब में बताया कि चमकी बुखार से बचने के लिए बताये गए सावधानियों को पूरी तरह अपनाकर ही हम “चमकी को धमकी” दे सकते हैं.
कोविड टीकाकरण को लेकर जागरूकता जरुरी:
वेबिनार को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक पियूष परांजपे ने कहा कि अभी भी समुदाय में कोविड के टीका को लेकर कुछ भ्रांतियां व्याप्त हैं. राष्ट्रीय सेवा योजना के वालंटियर्स लोगों को जागरूक कर बता रहे हैं की कोविड का टीका उनके सुरक्षा के लिए है और इससे वे कोविड संक्रम से सुरक्षित रहेंगे. नेहरु युवा केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक अंशुमन दास ने बताया कि नेहरु युवा केंद्र के वालंटियर्स लोगों को सभी टीकाकरण कार्यक्रम एवं अभियान के लिए जागरूक कर रहे हैं और उन्हें आगे आकार टीकाकरण कार्यक्रम में अपनी भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
टीकाकरण देता है 12 जानलेवा बिमारियों से सुरक्षा:
वेबिनार को संबोधित करते हुए यूनिसेफ की तरफ से डॉ. सिद्धार्थ रेड्डी ने बताया कि नियमित टीकाकरण किसी भी शिशु को 12 जानलेवा बिमारियों से सुरक्षित रखता है. उन्होंने नियमित टीकाकरण के अंतर्गत दिए जाने वाले टीकों के चार्ट को भी प्रतिभागियों के साथ साझा किया. यूनिसेफ के डॉ. निर्भय नाथ मिश्रा ने बताया की सभी भ्रामक बातों को दरकिनार कर टीकाकरण करवाने के लिए जागरूकता पर बल देना चाहिए.
वेबिनार का संचालन निपुण गुप्ता, संचार विशेषग्य, यूनिसेफ ने किया और कहा कि किशोर/किशोरी एवं युवा वर्ग के लोग आने वाले सघन मिशन इन्द्रधनुष 4.0 में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को टीकाकरण करवाने में जागरूकता को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं

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