आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया एनीमिया प्रबंधन का प्रशिक्षण 

– जिले के गोगरी रेफरल अस्पताल की आशा कार्यकर्ताओं को मिला प्रशिक्षण 
– एनीमिया से बचाव से संबंधित दी गई जानकारी, लोगों को करेंगी जागरूक 

खगड़िया, 08 अप्रैल-

जिले के गोगरी रेफरल अस्पताल में तैनात आशा कार्यकर्ताओं को एनीमिया प्रबंधन से संबंधित विषय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण रेफरल अस्पताल के बीसीएम प्रभाकर कुमार एवं केयर इंडिया की प्रखंड प्रबंधक नीलम सयानी द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मौजूद आशा कार्यकर्ताओं को एनीमिया से बचाव के लिए विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ एनीमिया के कारण, लक्षण, उपचार एवं इससे बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियाँ व सर्तकता की भी जानकारी दी गई। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने बाद सभी आशा कार्यकर्ता अपने-अपने पोषक क्षेत्र के लोगों को बेहतर तरीके से जागरूक कर सके और एनीमिया मुक्त समाज निर्माण को बढ़ावा मिल सके। 

– महिलाओं के बीच आशा कार्यकर्ता आयरन की गोली करेंगी वितरित : 
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान मौजूद आशा कार्यकर्ताओं को एनीमिया प्रबंधन से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियाँ विस्तारपूर्वक दी गई। जिसके दौरान मौजूद सभी प्रतिभागियों को बताया गया कि एनीमिया से बचाव के लिए सभी महिलाओं को जागरूक करना है। भीएचएसएनडी सत्र के दौरान 20 से 24 वर्ष के प्रजनन आयु वर्ग की सभी महिलाओं (जो गर्भवती अथवा धात्री न हों) को साप्ताहिक आयरन फॉलिक एसिड लाल गोली अनुपूरण के संबंध में जागरूक किया जाएगा एवं सप्ताह में एक दिन के सेवन के लिए वितरित भी की जाएगी। 

– एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीन युक्त आहार जरूरी : 
बीसीएम प्रभाकर कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान मौजूद सभी प्रतिभागियों को एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीन युक्त आहार का सेवन बेहद जरूरी है। यह बीमारी खून की कमी से होती है। इसलिए, इससे बचाव के लिए आयरन युक्त खाना का भी सेवन करना जरूरी है। दरअसल, शरीर में पर्याप्त आयरन रहने से इस बीमारी की संभावना ना के बराबर रहती है। इसलिए, खान-पान एवं रहन-सहन का विशेष ख्याल रखें । सकारात्मक बदलाव ही बीमारी से बचाव का बड़ा उपचार है। यह बीमारी खून (रक्त) में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन कम होने से होता है। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज कराना चाहिए और चिकित्सा परामर्श का पालन करना चाहिए। वहीं, उन्होंने बताया, प्रशिक्षण प्राप्त सभी प्रतिभागी अपने-अपने पोषक क्षेत्र की महिलाओं को उक्त जानकारी देते हुए एनीमिया से बचाव के लिए जागरूक करेंगी। 

– आयरनयुक्त खाना का करें सेवन : 
केयर इंडिया की प्रखंड प्रबंधक नीलम सयानी ने बताया, आयरन की कमी के कारण एनीमिया होती है। इसलिए इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को आहार बदलने एवं आयरन युक्त आहार का सेवन करने से बचाव होगा, अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत और परेशानी बन सकती है। इससे बचाव के लिए प्रोटीन युक्त खाना का सेवन भी जरूरी है। जैसे कि पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मूँगफली , मक्खन, अंडे, टमाटर, अनार, शहद, सेब, खजूर आदि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें। जो कि आपके शरीर की कमी को पूरी करता  एवं हीमोग्लोबिन जैसी कमी भी दूर होती है। इससे  एनीमिया बीमारी से बचाव होता है।

– ये हैं एनीमिया के प्रारंभिक लक्षण : 
एनीमिया के बीमारी के शुरुआती लक्षण -थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन में बदलाव, साँस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सीने में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिरदर्द आदि  होना है। ऐसा लक्षण होते ही ससमय इलाज कराएं।

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