आशा सीता देवी ने संस्थागत प्रसव को लेकर लोगों को किया जागरूक

-अमरपुर प्रखंड के सलेमपुर के वार्ड नंबर पांच और छह में हैं कार्यरत
-परिवार नियोजन के क्षेत्र में विशेष योगदान देकर बनाई अपनी पहचान
बांका, 1 जून-
सलेमपुर गांव के वार्ड नंबर पांच और छह के लोग संस्थागत प्रसव के प्रति काफी जागरूक हैं। क्षेत्र की अधिकतर प्रसूता अस्पताल में ही अपना प्रसव कराती हैं। लोगों को यह बात समझ में आ गई है कि संस्थागत प्रसव के क्या फायदे हैं। ऐसा करने में आशा कार्यकर्ता सीता देवी का अहम योगदान है। अपने क्षेत्र के एक-एक लोगों को वे जानती हैं। इस वजह से उन्हें इस बात की जानकारी होती है कि किस घर में प्रसूता है और उसे क्या मदद चाहिए। जब डिलीवरी की बात आती है तो उसे अमरपुर रेफरल अस्पताल ले जाने से लेकर सुरक्षित प्रसव तक की जिम्मेदारी का काम वह करती हैं।
आशा सीता देवी कहती हैं कि क्षेत्र के सभी लोगों को मैं जानती हूं। इसलिए मुझे यह बात पता होता है कि किसका अभी क्या समय चल रहा  और उसे मैं क्या मदद कर सकती हूं। गर्भावस्था की शुरुआत से ही मैं निगरानी में लग जाती हूं। इस वजह से मुझे काम करने में दिक्कत नहीं होती है। साथ ही मैं इतने दिनों से काम कर रही हूं। अबतक मैंने जो भी मेहनत की है, उसका बेहतर परिणाम आया है। इस वजह से लोगों को भी मुझ पर भरोसा है और यही कारण है कि मेरा काम भी आसान हो जाता ।
2007 से कर रहीं कामः सीता देवी 2007 से बतौर आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं। अबतक उन्होंने 800 सौ से अधिक डिलीवरी करवायी है। सीता देवी कहती हैं कि जब आप ज्यादा समय से काम कर रहे होते हैं तो स्वाभाविक है कि संख्या भी ज्यादा ही होगी। हां, एक बात संतोषजनक जरूर है कि लोग भी मेरे काम से संतुष्ट हैं। इसी का परिणाम है कि लोग मुझे याद करते हैं। वर्ना आज के समय में जब इतनी संख्या में निजी अस्पताल खुले हुए हैं, जो तमाम तरह के दावे करते हैं। इसके बावजूद लोग मुझे याद करते हैं। यह बात मेरे लिए संतोषजनक है।
कोरोना काल में भी निभाई अहम भूमिकाः सीता देवी ने कोरोना काल में भी अहम भूमिका निभाई। शुरुआत में जब लोग कोरोना का नाम सुनकर ही कांपने लगते थे, उस समय सीता देवी ने आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाई। सीता देवी कहती हैं कि कोरोना की शुरुआत के समय से ही मैं समझ गई थी कि लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। जागरूकता में हर बीमारी का हल है। इसलिए मैं लोगों को मास्क पहनने, घर से कम निकलने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहती थी। लोग इसे मानते भी थे। इसका परिणाम भी सुखद रहा। अमरपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि आशा सीता देवी अपने क्षेत्र में काफी घुली-मिली हैं। इनका काम सराहनीय है। प्रसव को लेकर तो यह काम करती ही हैं। कोरोना काल में भी इन्होंने बेहतर काम किया।

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