कोरोना काल में टीबी मरीजों के लिए मददगार बनेगा ‘टीबी आरोग्य साथी’ एप

  • इस एप से अब यक्ष्मा रोगियों को एक ही बार मिलेगी 2 माह तक की दवा
  • निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को मिलती है 500 रुपये तक की सहायता
  • जिला यक्ष्मा केंद्र, मुंगेर में उपलब्ध है प्रत्येक व्यक्ति के लिए नि:शुल्क जांच व इलाज

मुंगेर, 19 मई –

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच जिले के टीबी रोगियों की मदद के लिए ” टीबी आरोग्य साथी एप ” लॉन्च किया गया है। इस एप के माध्यम से टीबी रोगी न सिर्फ अपनी प्रगति रिपोर्ट देख सकेंगे, बल्कि टीबी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी भी उन्हें प्राप्त होगी। इस एप के बेहतर इस्तेमाल के लिए सभी टीबी मरीजों का एक आईडी जेनरेट किया गया है। टीबी मरीज इस एप में अपना आईडी डालकर निक्षय योजना द्वारा मिलने वाली राशि की स्थिति भी देख सकते हैं। इसके साथ ही वो टीबी की बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवा के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह एक ऐसा प्लेटफार्म होगा, जहां टीबी से जुड़ी हर जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी। जिला यक्ष्मा केंद्र मुंगेर में कार्यरत जिला टीबी एवं एचआईवी समन्वयक शलेन्दु कुमार ने बताया , टीबी के मरीज को इस कोविड 19 महामारी के दौर में कोई परेशानी ना हो इसके लिए मरीज को हर सम्भव बेहतर सुविधा देने की पहल करते हुए उन्हें 2 माह की दवा एक ही बार दी जाएगी। इसके साथ ही टीबी मरीज अपने नजदीकी डॉट सेंटर पर भी जाकर टीबी की दवा ले सकते हैं।

क्या है टीबी आरोग्य साथी एप :
नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम (एनटीईपी) के तहत पंजीकृत रोगियों के लिए टीबी आरोग्य साथी एप डिजिटल रिकार्ड उन तक पहुंचने के लिए एक पोर्टल की तरह कार्य करेगा। इसके अंतर्गत टीबी का परीक्षण और उपचार विवरण, विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत देय राशि का विवरण स्वास्थ्य प्रदाता तक पहुंचाने और उपचार सहित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अनुरोध किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त टीबी से संबंधित समस्त जानकारी, टीबी जांच एवं उपचार की नजदीकी सुविधा, टीबी के जोखिम का आकलन करने के लिए स्क्रीनिंग टूल, पोषण संबंधी सहायता एवं परामर्श आदि जैसी कई अन्य जानकारी भी ली जा सकती है।

प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को मिलती है 500 रुपये प्रति महीने की सहायता राशि :
उन्होंने बताया टीबी के मरीजों को पोषक तत्वों से युक्त उचित खुराक उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना चलाई गई है। इसके तहत टीबी के मरीजों को सही पोषण के लिए 500 रुपये की सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिसरी ट्रांसफर योजना के तहत प्रत्येक महीने टीबी मरीजों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। यह राशि सीधे उनके खाते में पहुंचती है। सरकार की यह मंशा है सन 2025 तक देश को टीबी मुक्त किया जाय। इसके लिए देश भर में नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम ( एनटीईपी) योजना चलाई जा रही है।

हर व्यक्ति की नि:शुल्क जांच व इलाज की ब्यवस्था :
उन्होंने बताया मुंगेर के सभी प्रखंडों में प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों के इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। यहां पर वो अपना इलाज करा सकते हैं । इसके साथ उनको नि:शुल्क दवाइयां भी दी जाती है जो मरीजों के नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। इससे टीबी के मरीजों को काफी सहूलियत मिलती है। देश के साथ- साथ मुंगेर को भी सन 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का संकल्प है और इसीलिए टीबी रोग की रोकथाम के विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। टीबी रोगी सघन खोज अभियान में टीबी के लक्षण मिलने पर उसके बलगम की जांच की जाती है साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण करने के लिए लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक करने का प्रयास भी किया गया है।

टीबी (क्षयरोग) के लक्षण:

  • लगातार 3 हफ्तों से खांसी का रहना और आगे भी जारी रहना
  • खांसी के साथ खून का आना
  • छाती में दर्द और सांस का फूलना
  • वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना
  • शाम को बुखार का आना और ठंड लगना
  • रात में पसीना आना आदि।

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