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कोरोना काल में शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए नियमित करें योगाभ्यास : डॉ॰ सुरेश शरण

  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सदर अस्पताल लखीसराय सहित जिला के सभी सीएचसी, पीएचसी और एपीएचसी पर योग शिविर आयोजित
  • घर पर रहकर ही करें योग के थीम पर मनाया गया योग दिवस

लखीसराय, 21 जून-

कोरोना वायरस के संक्रमण काल में शरीर में मौजूद रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से योगाभ्यास करना चाहिए। उक्त बातें लखीसराय के सिविल गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुरेश शरण ने सदर अस्पताल परिसर में आयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर का उद्घाटन करते हुए कही। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक ( डीपीसी) सुनील कुमार सहित जिला स्वास्थ्य समिति, सदर अस्पताल लखीसराय के कई अधिकारी और कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया। डॉ. सुरेश शरण ने बताया कि सदर अस्पताल लखीसराय के अलावा सूर्यगढ़ा और हलसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शेष सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी वहां के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में योग शिविर आयोजित किया गया| जिसमें स्थानीय सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए योगाभ्यास किया । उन्होंने बताया कि योग शरीर को रोगमुक्त करने के साथ ही मानसिक और बौद्धिक स्तर पर मानव को सशक्त, शांत और ओजस्वी भी बनाता है।

सदर अस्पताल लखीसराय में योगाभ्यास करवाते हुए योग प्रशिक्षक श्री ज्वाला जी ने बताया कि योग के कुछ आसन जैसे उत्कटासन, कुम्भकासन और वीरासन से शरीर को जिम की तरह मजबूत बनाया जा सकता है। इसी तरह मयूरासन और सेतुआसन से जीवन शैली से सबंधी बीमारियों को ठीक किया जा सकता हूँ। उन्होंने बताया कि मस्तिष्क को सकारात्मक ऊर्जा देने के लिए स्वर्गासन और त्राटक जैसे आसन का अभ्यास किया जाना चाहिए। इसी प्रकार से दिल की बीमारी के नियंत्रण के लिए अर्धमत्येन्द्रासन और मन को शांत रखने के लिए यस्टिकासन का अभ्यास किया जा सकता है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सभी लोग करें योगाभ्यास :
योग प्रशिक्षक श्री ज्वाला जी ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान लोगों में मुख्य रूप से सांस लेने में तकलीफ, खून में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाने की शिकायत, फेफड़े में संक्रमण के साथ ही लोगों के रोग प्रतिरोधक क्षमता में काफी ह्रास देखी गई । देश भर में बहुत सारे लोगों ने नियमित योगाभ्यास और प्राणायाम करके न सिर्फ कोरोना वायरस के संक्रमण से खुद को मुक्त किया बल्कि अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी काफी मजबूत कर लिया ताकि भविष्य में उनका शरीर किसी भी प्रकार की बीमारियों से आसानी से लड़ते हुए उस पर विजय प्राप्त कर सके। उन्होंने बताया कि अनुलोम- विलोम, कपाल भाति और भ्रामरी तीन ऐसे प्राणायाम के तरीके हैं जिनसे खून में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के साथ ही फेफड़े को मजबूत करने और सांस संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही तनाव, गुस्सा और अवसाद को दूर करने में मदद मिलती है।

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