कोरोना को लेकर बच्चों को भी रखें सतर्क

-घर से बाहर भेजते वक्त मास्क जरूर पहनाएं
-कोरोना अभी पूरी तरह से नहीं हुआ है खत्म
बांका, 27 फरवरी
कोरोना की तीसरी लहर लगभग खत्म हो चुकी है। मरीजों के मिलने का सिलसिला अब खत्म हो गया है, लेकिन कोरोना अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसलिए सतर्कता अभी भी जरूरी है। बड़े लोग तो सतर्क रहे हीं, साथ में बच्चों को भी कोरोना से सतर्क रखें। तीसरी लहर के दौरान संक्रमित होने वालों में बच्चों की संख्या भी ठीकठाक रही। इसलिए बच्चों पर लगातार निगरानी रखने की जरूरत है। अगर घर के बड़े सदस्य संक्रमित हो गए तो उससे बच्चे में भी संक्रमण हो सकता है। इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि कोरोना के लक्षण वाले जो मरीज होते हैं, उसकी पहचान हो जाती है और लोग उससे बचाव भी करते हैं। लेकिन बिना लक्षण वाले जो कोरोना संक्रमित होते हैं, इससे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को जानकारी नहीं होती है कि वह व्यक्ति संक्रमित है। इस वजह से लोग ज्यादा सतर्कता नहीं बरतते हैं और संक्रमित हो जाते हैं। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे अगर किसी अनजान व्यक्ति के पास जा रहा है तो उसे मास्क जरूर पहनाएं और सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखने के लिए कहें।
जल्द से जल्द ले लें टीकाः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना से बचाव में टीका सबसे बड़ा हथियार है। कोरोना का टीका ले लेंगे तो आप तो सुरक्षित हो ही जाएंगे, आपके बच्चे भी सुरक्षित रहेंगे। अगर आप सुरक्षित रहेंगे तो आपके बच्चे में भी संक्रमण नहीं होगा। अब तो 15 से 17 साल के उम्र के लोगों के लिए भी कोरोना का टीका आ गया है। 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण पहले से ही हो रहा है। यानी कि अब 15 साल से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों का टीकाकरण हो रहा है। साथ में स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों और बीमारों व बुजुर्गों को प्रीकॉशन यानी की तीसरी डोज भी दी जा रही है। इसलिए जल्द से जल्द कोरोना टीका की सभी डोज ले लें।
जरा सा भी लक्षण दिखाई पड़े तो हो जाएं सतर्कः डॉ. चौधरी कहते हैं कि अब जब कोरोना का शोर खत्म हो गया है तो लोगों को और थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना फिर अपना पांव पसार नहीं सके, इसलिए जागरूक रहने की जरूरत है। अगर बीमार पड़ें और कोरोना का लक्षण दिखे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर अगर कोरोना जांच के लिए कहें तो जांच जरूर करवा लें। जांच में अगर कोरोना की पुष्टि होती है तो डॉक्टर के अनुसार अपना इलाज करवाएं। अगर कोरोना की पुष्टि नहीं होती है तो डॉक्टर जो सलाह देंगे, उसका पालन करें और जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की कोशिश करें।

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