कोरोना मरीज से शारीरिक दूरी बनाएं, मानसिक नहीं

सतर्कता भी बरतें और मरीज का लगातार हालचाल भी लेते रहें

मानसिक दूरी बनाने से मरीज को हो सकती है ज्यादा परेशानी

बांका, 20 मई

कोरोना की दूसरी लहर में काफी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के लगातार चल रहे अभियान से कोरोना के संक्रमण पर अब कुछ हद तक लगाम लगता दिख रहा है, लेकिन अभी भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। साथ ही कोरोना की चपेट में आ चुके लोगों को मानसिक तौर पर समर्थन करने की जरूरत है। ऐसा देखा जा रहा है कि जो लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं, उससे लोग शारीरिक के साथ-साथ मानसिक तौर भी दूरी बना ले रहे हैं। ऐसा नहीं करें। इससे मरीज के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है और वह दूसरी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि कोरोना मरीज को लेकर हर तरह का एहतियात बरतना जरूरी है, लेकिन मरीज को अकेलापन महसूस नहीं होने दें। घर के सदस्यों को हमेशा मानसिक तौर पर समर्थन करते रहना चाहिए। होम आइलोशेन या फिर अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि घरवालों ने उनसे दूरी बना ली है। और उन्हें अकेला छोड़ दिया गया है।

दूसरी बीमारियों की जद में आ सकते हैः डॉ. चौधरी कहते हैं कि अगर आप कोरोना मरीज से मानसिक तौर पर दूरी बनाकर रखेंगे तो वह कोरोना से तो स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन दूसरी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे व्यवहार से वह तनाव में आ सकते हैं। तनाव से अगर हाइपरटेंशन के शिकार हो गए तो फिर वह आगे कई और दूसरी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।

मरीज का बढ़ाते रहें हौसलाः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना की चपेट में व्यक्ति का लगातार हालचाल लेते रहना चाहिए। उसका हौसला बढ़ाने रहना चाहिए। इस दौरान मरीज पर किसी तरह का दोष नहीं मढ़ना चाहिए। जैसे कि आपने लापरवाही बरती, इसलिए इसकी चपेट में आ गए। मरीज को यह समझाएं कि आराम से रहिये, जल्द स्वस्थ हो जाएंगे। अब जिले में तेजी से कोरोना के मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। रिकवरी रेट भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में किसी को घबराना नहीं चाहिए। कोरोना की गाइडलाइन संक्रमण से बचाव के लिए है, न कि इसे लेकर अराजकता फैलाने के लिए। मरीजों को समझाते रहें कि हमलोग आपके साथ हैं। एक बार ठीक हो लीजिए, फिर हमलोग पुराने तरीके से एक साथ जीने लगेंगे।

कोरोना की गाइडलाइन का पालन भी जरूरीः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना का गाइडलाइन का पालन भी जरूरी है। घर से बाहर निकलते वक्त या फिर कोरोना मरीज से बात करते वक्त डबल लेयर मास्क पहनें। सामाजिक दूरी का पालन करें। भीड़भाड़ से बचें और दो गज दूरी को बनाएं रखें। यानी कि सतर्कता में लापरवाही रखे बगैर कोरोना से पीड़ित व्यक्ति की हौसलाफजाई करें। ऐसा करने से मरीज भी जल्द स्वस्थ हो जाएंगे और घर के सदस्य भी कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.