कोरोना संक्रमण : शिशु रोग विशेषज्ञ की सलाह, बच्चों को सर्दी जुकाम से पीड़ित लोगों से रखें दूर

-खानपान में दाल व हरी सब्जी जरूर करें शामिल, माताएं भी व्यक्तिगत साफ सफाई का रखें ध्यान

लखीसराय, 15 जून-

कोरोना संक्रमण के बीच मौसम के बदलाव के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है| कोरोना संक्रमण के इस संकटकाल में नवजात सहित छोटे बच्चों के खानपान का ध्यान देना जरूरी है| साथ हीं लॉकडाउन के दौरान बच्चों के लिए आवश्यक दवाइयां घरों पर रखना जरूरी हो जाता है| अनावश्यक डॉक्टर या चिकित्सतक के यहां जाने से बचने की हर कोशिश की जानी चाहिए| नवजात शिशु के मामले में मां को यह ध्यान रखना चाहिए कि उसे अधिक से अधिक स्तनपान कराया जाये| स्तनपान करने वाले शिशु को पूरी साफ सफाई के साथ स्तनपान कराया जाना चाहिए| इसके अलावा बच्चे को विटामिन सी का आवश्यक ड्रॉप दे सकते हैं| छह माह से अधिक उम्र वाले बच्चों को जिनका अनुपूरक आहार शुरू किया जा चुका है, उनके खाने पर भरपूर ध्यान दिया जाना चाहिए| ऐसे बच्चों के खाना में विटामिन, कॉर्बोहाइड्रेट व प्रोटीन की भरपूर मात्रा होनी चाहिए|

स्तनपान कराने से पहले अच्छी तरह हाथ धोयें:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक भारती ने बताया छह माह से कम उम्र वाले शिशु को स्तनपान कराते समय साफ सफाई का पूरा ध्यान रखना जरूरी है| स्तनपान कराने से पूर्व हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें| साफ तौलिये का इस्तेमाल हाथों को पोछने के लिए करें| स्तनपान कर रहे बच्चों की माताओं को अपनी व्यक्तिगत साफ सफाई का पूरा ध्यान रखना है| उन्हें समय समय पर स्नान करने, कपड़े, बाल व नाखून की सफाई रखना जरूरी है| संक्रमण फैलने वाले कारकों में यह सब शामिल होते हैं| बदलते मौसम के साथ बच्चों में बुख़ार, खांसी, नाक बहना आदि की शिकायत होती है| ऐसे में कुछ आवश्यक दवाइयां शिशु रोग विशेषज्ञ की सलाह के साथ घर पर रख सकते हैं|

बच्चों को सर्दी जुकाम पीड़ित से संपर्क में न आने दें:
​जिला सदर अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अमित कुमार ने बताया कि नवजात शिशु सहित 2 साल तक की उम्र के बच्चों को ऐसे किसी जगह नहीं ले जायें जहां उनके संक्रमित होने का खतरा है| यदि घर या आसपास पड़ोस में ऐसे लोग हैं जिन्हें सर्दी खांसी बुखार आदि है तो बच्चों को उन लोगों से दूर रखना जरूरी है| इसके अलावा धात्री माताएं भी ऐसे लोगों के संपर्क में आने से बचें| धात्री माताएं बच्चों को दूध पिलाने से पहले साबुन से 20 सेकेंड तक हाथ जरूर धोयें| बच्चों के नैपकिन भी समय समय पर बदलते रहें| गर्मी के मौसम में अधिक देर तक गीला नैपकिन संक्रमण के खतरे को बढ़ाता है| ऐसे में बच्चों के लिए डायरिया की भी संभावना बनी रहती है| इसलिए बच्चों के लिए ओआरएस और जिंक पाउडर घर में जरूर रखें|

बच्चों के लिए जरूरी हैं ये चार प्वाइंट्स:

खाने में रोटी, दूध, चावल दाल सहित हरी सब्जी दें.

बच्चों के भी हाथ पैर नियमित अंतराल पर धोते रहें.

बच्चों को घर से बाहर बिल्कुल नहीं जाने दें.

सर्दी जुकाम से पीड़ित लोगों से बच्चों को दूर रखें.

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