कोरोना संक्रमण ही नहीं, सांस की बीमारी से भी बचा रहा मास्क

दिनचर्या में मास्क पहनने की आदत को शामिल करने से हो रहा सकारात्मक बदलाव

मास्क पहनने की अनिवार्यता से लोगों के अंदर खत्म हुई झिझक, बीमारी से हो रहा बचाव

बांका-

कोरोना काल में लोगों की दिनचर्या में बहुत बदलाव आया है. संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में सावधानी बरतने की आदत सी पड़ गई है. लोग घर से बाहर कहीं भी जाते हैं तो मास्क पहनकर ही निकलते हैं. समय-समय पर हाथ की धुलाई भी करते हैं. भीड़भाड़ से बचते हैं. इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. खासकर मास्क पहनने को लेकर लोगों में जो आदत पड़ी, उससे कई बीमारियों से बचाव हो रहा है. वायु प्रदूषण से लेकर सांस से संबंधित बीमारी से लोगों को मास्क बचा रहा है.
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं मास्क किसी भी संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए बहुत ही उपयोगी होता है, लेकिन एक और महत्वपूर्ण बात सामने आ रही है. हर साल ठंड के मौसम में सांस से संबंधित बीमार लोगों की संख्या काफी रहती थी, लेकिन इस साल ऐसे लोगों की संख्या काफी कम दिख रही है. यह एक सकारात्मक बदलाव है. दरअसल, मास्क पहनने से सर्दी के मौसम में कोहरा और धुंध की वजह से लोग सांस की बीमारी से पीड़ित होते थे, लेकिन मास्क पहनने से कोहरा और धुंध में पाए जाने वाले नुकसानदायक चीज शरीर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाता. इस वजह से लोग सांस की बीमारी से कम पीड़ित हो रहे हैं.

मास्क पहनने की झिझक खत्म हुई: डॉक्टर चौधरी कहते हैं दरअसल सांस से संबंधित बीमारी वाले लोग पहले भी मास्क पहनते थे, लेकिन सार्वजनिक तौर पर वे लोग मास्क पहनने से हिचकते थे. लेकिन कोरोना काल में जब सरकार ने मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया और लोगों को भी लगने लगा कि मास्क पहनने से उनका बचाव होगा. इसके बाद लोग नियमित तौर पर मास्क पहनने लगे. इसका असर देखने को मिल रहा है.

कोरोना काल के बाद भी लोगों को मास्क पहनते रहना चाहिए: डॉक्टर चौधरी कहते हैं मास्क पहनने से जिस तरह से सांस से संबंधित बीमार लोगों की संख्या में कमी आई है. इससे साफ है कि मास्क पहनने से सिर्फ कोरोना का ही बचाव नहीं होता है, बल्कि संक्रमित तरीके के जितने भी रोग हैं उन सभी का बचाव मास्क पहनने से होता है. इसके अलावा वायु प्रदूषण से भी लोग बचे रहते हैं. इसलिए जब कोरोना काल खत्म भी हो जाए और लोगों को टीके पड़ जाए, फिर भी मास्क पहनने की आदत को नहीं छोड़ना चाहिए.

अन्य सावधानिया भी जरूरी: डॉक्टर चौधरी कहते हैं जिस तरीके से मास्क पहनने से लोग कोरोना के साथ-साथ सांस की बीमारी से भी बच रहे हैं, उसी तरीके से हाथ धोने की आदत से हम अन्य बीमारी से बच सकते हैं या फिर सामाजिक दूरी का पालन करने से हमलोग बहुत सारी बीमारियों से बचे रहेंगे. इसलिए न सिर्फ मास्क पहनने की आदत, बल्कि कोरोना काल में जो भी सकारात्मक बदलाव आया है, उसे बरकरार रखने की जरूरत है.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:

• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.

• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.

• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.

• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.

• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.

• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.

• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.

• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें

• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों

• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें

• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

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