खगड़िया जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन के साथ गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हुई जाँच

  • प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर का आयोजन कर की गई जाँच, दी गई आवश्यक चिकित्सा परामर्श
  • कोविड-19 से बचाव के साथ सामान्य और सुरक्षित प्रसव को लेकर चिकित्सकों द्वारा दी गई आवश्यक जानकारियाँ

खगड़िया, 09 जून, 2021

बुधवार को जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी, रेफरल एवं अनुमंडलीय व जिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व (एएनसी) जाँच किया गया की गयी। यह जाँच स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर लगाकर किया गया की गयी। जिसमें बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं अपने-अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान आकर सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए एएनसी जाँच करवाई। इस दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन करते हुए गर्भवती की जाँच की गई और जाँच के पश्चात चिकित्सकों द्वारा गर्भवती को आवश्यकतानुसार आवश्यक चिकित्सा परामर्श दी गई। जिसमें रहन-सहन, साफ-सफाई, खान-पान, गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ, समेत अन्य चिकित्सा परामर्श विस्तार पूर्वक दी गई है। इसके अलावा कोविड-19 से बचाव के लिए भी आवश्यक जानकारी दी गई।

  • गर्भवती महिलाओं की हुई समुचित जाँच :-
    आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं शामिल हुई हुयीं और सुरक्षित व सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जाँच करवाई। शिविर में जाँच कर रहे मेडिकल टीम द्वारा
    गर्भवती महिलाओं की ब्लड, यूरिन, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, बीपी, हार्ट-बिट आदि की भी जाँच की गई। इसके बाद चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय परामर्श दी गई। एएनसी जांच के लिए शिविर में मौजूद महिलाओं को प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराने की सलाह दी गई।
  • सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए प्रसव पूर्व जाँच जरूरी :-
    जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जाँच कराना चाहिए। दरअसल, समय पर जाँच कराने से किसी भी प्रकार की परेशानी का शुरुआती दौर में ही पता चल जाता है और शुरूआती दौर में पता लगने पर ही उसे आसानी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक माह की नौ तारीख को पीएचसी स्तर पर एएनसी जाँच की व्यवस्था की गई है। ताकि प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक शारीरिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिल सकें। साथ ही सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए हर गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जाँच कराना जरूरी है।
  • शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने का है बेहतर व्यवस्था :-
    केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, सरकार द्वारा प्रत्येक महीने की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच के लिए की गई यह व्यवस्था शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने का बेहतर व्यवस्था हैं। सरकार द्वारा की गई यह व्यवस्था मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में अच्छी पहल है। इससे ना सिर्फ सुरक्षित प्रसव होगा, बल्कि शिशु-मृत्यु दर पर विराम भी लगेगा। इसके साथ ही जच्चा-बच्चा दोनों को अनावश्यक परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  • संस्थागत प्रसव को लेकर किया गया जागरूक :-
    केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, एएनसी जाँच के दौरान महिलाओं को संस्थागत प्रसव को लेकर जागरूक किया गया। जिसके दौरान सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। ताकि महिलाओं में सुरक्षा के दृष्टिकोण से संस्थागत प्रसव को लेकर किसी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं रहें और सभी महिलाएं संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दें।
  • सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिला को प्रोटीन युक्त आहार जरूरी :-
    वहीं, शिविर के दौरान चिकित्सकों द्वारा गर्भवती को बताया गया कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिला को प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करना जरूरी है और किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत योग्य चिकित्सकों से जाँच करानी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान शरीर को उचित पोषण की बेहद जरूरी है। इससे ना सिर्फ गर्भवती स्वस्थ रहेगी, बल्कि गर्भस्थ शिशु भी स्वस्थ रहेगा। जिससे सुरक्षित प्रसव को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा कोविड-19 से बचाव की भी जानकारी दी गई।
  • इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
  • मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
  • साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
  • यात्रा के दौरान निश्चित रूप से सेनेटाइजर पास में रखें।
  • भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
  • बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
  • मुँह, नाक और ऑख को अनावश्यक छूने से बचें और छूने के पूर्व अच्छी तरह हाथों की सफाई करें।

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