गंगा बंदी के विरोध में हरिद्वार के व्यापारी

हरिद्वार में आज रात से गंगानहर को बंद कर दिया जाएगा इस बार होने वाली वार्षिक गंगा बंदी होने से पहले ही व्यापारियों ने इसका विरोध किया है व्यापारियों का आरोप है कि एक तो पहले ही कोरोना काल के कारण उनका व्यापार ठप पड़ा है ऊपर से प्रशासन ने इस बार 10 दिन पहले ही वार्षिक गँगा बंदी कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर दिया। धर्मनगरी हरिद्वार में साफ सफाई के लिए हर साल दशहरे से लेकर दीपावली तक गंग नहर को बंद कर दिया जाता है लेकिन इस बार कुम्भ मेले के निर्माण कार्यो के लिए 15 दिन पहले ही गंग नहर का पानी रोक दिया जाएगा गँगा बंदी की खबर से व्यापारियों के चेहरे मायूस है व्यापारियों का कहना है कि पहले ही कोरोना काल की वजह से हरिद्वार में कामकाज बिल्कुल ठप पड़ा हुआ है.

केंद्र सरकार द्वारा थोड़ी राहत देने के बाद हरिद्वार में व्यापार की गाड़ी पटरी पर लौटी थी लेकिन सरकार ने गंगनहर बंदी का फैसला लेकर उन्हें चिंता में डाल दिया हर की पौड़ी समेत तमाम घाटों पर पानी नही होने से यहाँ यात्री नही आएगा इसलिए उनकी सरकार से मांग है कि यदि सरकार कुंभ मेले के निर्माण कार्य कराना ही चाहती है तो दीपावली के बाद भी गंग नहर को बंद किया जा सकता है या फिर जितना भी निर्माण कार्य है वो दीपावली से पहले पूरा कर लिया जाए ताकि यात्री हरिद्वार का रुख कर सके। गौरतलब है कि हरिद्वार की अर्थव्यवस्था गंगा और तीर्थ यात्रियों पर ही निर्भर है ऐसे में जब तीर्थयात्री ही हरिद्वार नहीं आएंगे तो इसका सीधा असर व्यापार पर ही पड़ेगा और इसी को देखते हुए गंग नहर बंदी के आदेश के बाद से ही व्यापारियों के माथे की शिकन बढ़ी हुई है।

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