जगह-जगह पर स्टॉल लगाकर बंध्याकरण कराने वाली महिलाओं की हो रही जांच

  • यहां महिलाओं की हीमोग्लोबिन, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सहित कई अन्य तरह की जाएगी जांच
  • जिला भर में 11 से 31 जुलाई तक मनाया जा रहा है जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा

लखीसराय, 20 जुलाई-

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई से जिला भर में चल रहे जनसंख्या पखवाड़ा के दौरान अधिक से अधिक संख्या में परिवार नियोजन के स्थाई साधन के रूप में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए लखीसराय सदर पीएचसी क्षेत्र में जगह- जगह स्टॉल लगाकर बंध्याकरण को इच्छुक महिलाओं की जांच जा रही है। मंगलवार से शुरू हुए इस अभियान में लखीसराय पीएचसी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर बंध्याकरण को इच्छुक महिलाओं की हीमोग्लोबिन , ब्लड प्रेशर , डायबिटीज के साथ- साथ कई अन्य जांच की गई।
महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए यह प्रयास
लखीसराय के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिला भर में चल रहे जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान अधिक से अधिक संख्या में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए यह प्रयास किया गया है। इसके साथ ही परिवार नियोजन के लिए आगे आने वाले पुरुष और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है ताकि उनकी जांच की प्रकिया के साथ- साथ ऑपरेशन करवाने में कम से कम समय खर्च हो और सहजता के साथ बगैर किसी परेशानी के इन सुविधाओं का लाभ उठा सके।
महिला बंध्याकरण के लिए इच्छुक महिलाओं की सभी आवश्यक जांच -लखीसराय सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) निशांत राज ने बताया कि अभी लखीसराय सदर पीएचसी में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां के सभी इच्छुक लोगों को इसके लिए सदर अस्पताल लखीसराय भेजा जाता है। इस दौरान परिवार नियोजन के लिए आगे आने वाले लोगों का काफी कीमती समय बर्बाद हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंगलवार से स्थानीय स्तर पर ही पीएचसी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर महिला बंध्याकरण के लिए इच्छुक महिलाओं की सभी आवश्यक जांच जैसे हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की जांच की गई।

कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए की जा रही आवश्यक जांच :
उन्होंने बताया कि जांच के लिए आने वाले सभी लोगों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ शारीरिक दूरी के नियम के तहत सभी को एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फ़ीट की दूरी बरतने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क, फेसशील्ड, ग्लब्स का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ जांच हाथों कि नियमित साफ- सफाई के लिए पानी, साबुन के साथ- साथ हैंड सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई है।

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