जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा: जिले के चौथम सीएचसी में 26 महिलाओं का हुआ परिवार नियोजन ऑपरेशन

  • जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन के साथ चल रहा है पखवाड़ा
  • परिवार नियोजन के साधन अपनाने वाली लाभार्थियों को सरकार द्वारा दी जाती है प्रोत्साहन राशि

खगड़िया-

जिले में चल रहे जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा की सफलता को लेकर लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर योग्य और इच्छुक दंपत्ति को परिवार नियोजन योजना के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में उक्त पखवाड़ा को गति देने के लिए जिले के चौथम सीएचसी में परिवार नियोजन ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सुरक्षा के मद्देनजर कोविड-19 के सभी गाइडलाइन एवं प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योग्य और इच्छुक महिलाओं का सफल ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद सभी लाभार्थियों को आवश्यक चिकित्सा परामर्श भी दी गई। ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक शारीरिक पीड़ा का सामना नहीं करना पड़े और किसी प्रकार की पीड़ा होने पर तुरंत अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के सहयोग से स्थानीय स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया । ताकि ससमय समस्या का समाधान किया जा सके।

  • पखवाड़े की सफलता को लेकर लगातार योग्य और इच्छुक दंम्पत्तियों को किया जा रहा है जागरूक :
    चौथम सीएचसी प्रभारी डॉ अनिल कुमार ने बताया, जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा की सफलता को लेकर लगातार पूरे प्रखंड में योग्य और इच्छुक दंम्पत्तियों को चिह्नित कर जागरूक किया जा रहा है। ताकि प्रखंड के सभी योग्य और इच्छुक लाभार्थी इस साधन को अपना सकें और पखवाड़े का सफल संचालन हो सके। वहीं, बताया, सीएचसी में परिवार नियोजन ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें प्रखंड के विभिन्न गाँवों की कुल 26 महिलाएँ शामिल होकर परिवार नियोजन के साधन को अपनाया । सभी लाभार्थी को स्वास्थ्य अवलोकन के उद्देश्य से 24 घंटे सीएचसी में रखा गया। जिसके बाद शुक्रवार को सीएचसी से डिस्चार्ज किया गया।
  • परिवार नियोजन की साधन अपनाने वाली लाभार्थियों को सरकार द्वारा दी जाती है प्रोत्साहन राशि :
    चौथम सीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) विजय कुमार ने बताया, परिवार नियोजन के साधन अपनाने वाली लाभार्थियों को सरकार द्वारा ना सिर्फ सभी प्रकार की मुफ्त सुविधा का व्यवस्था की गई। बल्कि, प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। जिसमें प्रसव के उपरांत एक सप्ताह के अंदर इस साधन को अपनाने पर तीन हजार एवं इसके बाद अपनाने पर दो हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जबकि, पुरुष नसबंदी कराने पर तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ दिया जाता है। वहीं, उन्होंने कहा, छोटा और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन के साधन को अपनाने की बेहद जरूरत है। इसलिए, मैं प्रखंड के तमाम योग्य और इच्छुक लाभार्थियों से इस साधन को अपनाने की अपील करता हूँ।
  • स्थाई और अस्थाई दोनों उपाय कारगर :
    चौथम पीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार ने बताया, सरकार द्वारा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा की सफलता को लेकर स्थाई और अस्थाई दोनों उपायों की व्यवस्था की गई। ताकि कोई महिला इस साधन के स्थाई उपाय को अपनाने के लिए इच्छुक है। किन्तु, उनका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसी महिलाएं अस्थाई साधन को भी अपना सकती हैं । अस्थाई उपाय के रूप में पीएचसी स्तर कंडोम, छाया, काॅपर-टी, अंतरा समेत अन्य सुविधाओं की मुफ्त व्यवस्था की गई है। यह सुविधाएँ इच्छुक महिलाएं पीएचसी के अलावा अपने आशा कार्यकर्ता से भी मुफ्त प्राप्त कर सकती हैं। अस्थाई उपाय भी पूरी तरह सफल और कारगर है। इसके लिए आवश्यकतानुसार चिकित्सा परामर्श भी ले सकते हैं।
  • गुणवत्ता यकीन समिति की बैठक आयोजित :
    शुक्रवार को चौथम सीएचसी में गुणवत्ता यकीन समिति की बैठक भी आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता सीएचसी प्रभारी डॉ अनिल कुमार एवं संचालन प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक विजय कुमार ने किया । इस बैठक में सीएचसी के सभी चिकित्सा पदाधिकारी, जीएनएम, एएनएम, स्टोर कीपर, बीसीएम, केयर इंडिया के कर्मी समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी भाग लिया। वहीं, बैठक में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने समेत अन्य विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
  • इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :
  • मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
  • साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
  • नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
  • अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.