टीका एक्सप्रेस से टीकाकरण कराने को लोगों को जागरूक कर रही हैं आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर

  • गांवों के सामुदायिक भवन या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को लगाया जा रहा है टीका
  • विगत 26 मई से गांवों में जारी है 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण

मुंगेर, 03 जून-

टीका एक्सप्रेस से टीकाकरण कराने को लेकर आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर लोगों को जागरूक कर रही हैं| वह घर घर घूमकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रही हैं |
जिले में 26 मई को जिलाधिकारी रचना पाटिल के द्वारा हवेली खड़गपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अग्रहन पंचायत से हरी झंडी दिखाकर टीका एक्सप्रेस के माध्यम से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी। बावजूद इसके लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर कई तरह की भ्रांतियों की वजह से विभिन्न प्रखंडों में वैक्सीनेशन के लिए बहुत ही कम की संख्या में लोग आ रहे हैं। किसी- किसी प्रखंड क्षेत्र में तो पूरा का पूरा गांव वैक्सीन लेने से साफ इंकार करते हुए टीका एक्सप्रेस के माध्यम से टीकाकरण करने गई टीम को वापस लौटा दे रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिले के विभिन्न प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र अंतर्गत आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर ने घर – घर जाकर लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। गांव – गांव में काम करने वाली आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर घर- घर जाकर 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को यह समझा रही है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने में भारत सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई गई दोनों वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और सौ फीसदी प्रभावी है |साथ ही लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर बैठ गई भ्रांति कि पता नहीं वैक्सीन लगवाने के बाद क्या होगा? इसका भी समाधान कर रही है कि वैक्सीन लगाने के बाद किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। ये लोग अपना अनुभव शेयर करते हुए बताती हैं कि मैंने भी कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली है । इसके बाद मुझे किसी भी प्रकार कि परेशानी महसूस नहीं हुई। मैं आज आपके सामने बिल्कुल स्वस्थ्य हूँ और आपसे अपील करती हूँ कि आप लोग खुद के साथ- साथ अपने परिवार के सदस्यों और समाज के लोगों को कोरोना संक्रमण से मुक्त करने के लिए अनिवार्य रूप से वैक्सीन की दोनों डोज लें तभी मुंगेर जिले को जल्द से जल्द कोरोना के संक्रमण से बाहर निकाला जा सकता है।

पीएचसी और सीएचसी लेवल पर ब्लॉक कम्ययुनिटी मोबलाइज़र ( बीसीएम) करती हैं जागरूकता कार्यों की मॉनिटरिंग : जिले के सभी प्रखंड में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत ब्लॉक कम्युनिटी मोबलाइज़र (बीसीएम) क्षेत्र में काम कर रही आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की मॉनि टरिंग करती हैं। इसके साथ ही वो टीकाकरण स्थल का भ्रमण कर वहांटीकाकरण के लिए मौजूद 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक करते हुए खुद वैक्सीन लेने के साथ ही अपने आसपास रहने वाले लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने की अपील करती हैं।
वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है-
डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी मोबबेलाइज़र (डीसीएम) निखिल राज ने बताया कि जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी क्षेत्र में काम करने वाली आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर घर – घर जाकर 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर घर कर गई भ्रांतियों को दूर करते हुए उन्हें वैक्सीनेशन सेंटर तक ले आ रही हैं । इसके साथ ही सभी प्रखंडों में काम करने वाले बीसीएम भी खुद वैक्सीनेशन सेंटर का भ्रमण कर टीकाकरण कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं । इसके साथ ही वो आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की मॉनिटरिंग भी कर रही हैं । जिले में वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के लिए लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से खुद और अपने परिवार के साथ – साथ अपने समाज के लोगों को बचाने का एक मात्र उपाय कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेना है। हम लोगों के बीच भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई दोनों ही वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है|

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