परिवार नियोजन अभियान की सफलता को लेकर योग्य महिलाओं को किया गया जागरूक

  • चौथम प्रखंड के भतेंद्रा बेलौरी गाँव स्थित ऑगनबाड़ी केंद संख्या 32 पर एक बच्चे वाली महिलाओं को दी गई परिवार नियोजन के फायदे की जानकारी
  • परिवार नियोजन जागरूकता अभियान के दौरान केयर इंडिया एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा लोगों को किया गया जागरूक

खगड़िया, 11 फरवरी-

जिले में चल रहे परिवार नियोजन पखवाड़े की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा केयर इंडिया के सहयोग से पूरे जोर-शोर के साथ तरह-तरह कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इस योजना की जानकारी पहुँच सकें और इच्छुक व योग्य लाभार्थी इस योजना का लाभ ले सकें। इस कड़ी में जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत भतेंद्रा बेलौरी गाँव स्थित ऑगनबाड़ी केंद संख्या केंद्र संख्या 32 के पोषक क्षेत्र अंतर्गत एक बच्चे वाली महिलाओं के लिए परिवार नियोजन जागरूकता अभियान चलाया गया | इस दौरान इन महिलाओं को केयर इंडिया एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन योजना की विस्तार से जानकारी दी गई| साथ हीं इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया गया। इस मौके पर केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार, परिवार नियोजन के प्रखंड समन्वयक राजेश कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयक अंकुर कुमार, यूनिसेफ के व्यास मुनि, एएनएम मंदोदरी कुमारी, सेविका कविता कुमारी, आशा प्रभा कुमारी आदि मौजूद थीं ।

  • स्थाई एवं अस्थाई उपायों समेत अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की दी गई जानकारी :-
    केयर इंडिया के करण कुमार ने बताया कि परिवार नियोजन योजना को लेकर लोगों को जागरूक करने के दौरान स्थाई एवं अस्थाई उपायों के साथ-साथ समय अंतराल की भी जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि अगर कोई महिला परिवार नियोजन बंध्याकरण के लिए इच्छुक हैं। किन्तु, उनका शरीर बंध्याकरण के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसे महिला अस्थाई उपायों को भी अपना सकती तें हैं। ऐसी से महिलाओं के लिए सरकार द्वारा पीएचसी स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जैसे कि कंडोम, छाया, अंतरा, काॅपर – टी समेत का अन्य वैकल्पिक व्यवस्था अपना सकती ते हैं।
  • वैकल्पिक व्यवस्था भी है पूरी तरह सुरक्षित, नहीं है किसी प्रकार का साइड इफेक्ट :-
    वहीं, केयर इंडिया के राजेश कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा परिवार विकास मिशन के तहत की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित है। इसका किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है। किन्तु, किसी भी प्रकार की का वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाने के पूर्व हर हाल में चिकित्सकों से सलाह लें और चिकित्सा परामर्श के बाद ही अपनाएं। ताकि अपनाने के बाद किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
  • स्वस्थ माँ और मजबूत बच्चे के लिए तीन साल का अंतर जरूरी :-
    वहीं, एएनएम मंदोदरी कुमारी ने इस दौरान मौजूद महिलाओं को बताया कि स्वस्थ माँ और मजबूत बच्चे के लिए बच्चे के जन्म में तीन साल का अंतर रखना जरूरी है। इसलिए, एक बच्चे के जन्म के तीन साल बाद दूसरे बच्चे की योजना बनाएं। इससे ना सिर्फ स्वस्थ माँ और मजबूत बच्चे होंगे होगा, बल्कि, जच्चा-बच्चा दोनों भविष्य में अनावश्यक शारीरिक परेशानी से दूर रहेंगे। दरअसल, तीन साल का अंतर रखने से माँ तो स्वस्थ रहती ही है। साथ ही बच्चे की का भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती ता है। जिससे दोनों संक्रामक समेत अन्य बीमारियों से भी दूर रहते ता हैं है।
  • परिवार नियोजन अपनाने से मजबूत होगा गा शारीरिक और आर्थिक विकास :-
    वहीं, यूनिसेफ के व्यास ग्यास मुनि ने मौजूद महिलाओं को बताया कि परिवार नियोजन योजना को अपनाने से ना सिर्फ छोटा और सीमित परिवार होगा, बल्कि, जहाँ महिलाओं का की शारीरिक विकास होगा। वहीं, परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी गा। जिससे आप अपने बच्चों की को उचित परवरिश के साथ अच्छी शिक्षा हासिल कराने में समर्थ समृद्ध होंगे | और बच्चे को उचित परवरिश का माहौल मिलेगा। साथ ही समाज में अच्छा संदेश जाएगा और सामाजिक स्तर पर लोग जागरूक होंगे। इसके अलावा जब बच्चों की को उचित परवरिश होगी मिलेगा तो वह मानसिक और शारीरिक रूप से भी मजबूत होगा।
  • मार्च तक चलेगा परिवार नियोजन अभियान :-
    परिवार नियोजन सुरक्षित है थीम पर जनवरी से शुरू हुआ हुए यह परिवार नियोजन अभियान मार्च तक चलेगा। इस दौरान अभियान की सफलता को लेकर व्यापक पैमाने पर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ताकि अधिकाधिक लोग इस योजना का लाभ ले सकें और अभियान सफल हो सके कें।
  • इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
  • दो गज की शारीरिक दूरी का हमेशा पालन करें।
  • भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
  • साफ- सफाई का विशेष ख्याल रखें।
  • साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
  • सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
  • ताजा और गर्म खाने का उपयोग करें।
  • बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें।

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