परिवार नियोजन को लेकर लोगों को किया गया जागरूक

-गोराडीह के माछीपुर में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 25 पर लोगों को किया गया जागरूक
-जिले में 31 मार्च तक चलेगा परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

भागलपुर-

संचार अभियान के तहत जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम काफी जोर-शोर से चल रहा है. केयर इंडिया की टीम स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक कर रही है. लोगों को परिवार नियोजन के फायदे के बारे में समझा रही है. शुक्रवार को गोराडीह प्रखंड के माछीपुर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 25 पर एएनएम पूनम कुमारी ने दंपतियों को परिवार नियोजन की जानकारी दी. इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका सुमन कुमारी सुमन भी मौजूद थी. कार्यक्रम के दौरान दंपतियों को बताया गया कि पहला बच्चा 20 साल के बाद ही पैदा करें. इससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहेगा. साथी गर्भधारण के बाद महिला अपनी जांच जरूर करा लें.

एक बच्चे वाले दंपति की काउंसलिंग की गई:
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र संख्या पर एएनएम पूनम कुमारी ने एक बच्चे वाले दंपति की काउंसलिंग की. उन्हें समझाया कि दो बच्चे के बीच 3 साल का अंतराल रहना जरूरी है. 3 साल का अंतराल रहने से बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है, जिससे वह भविष्य में किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम होता है. इसके अलावा मां भी स्वस्थ रहती है. उस पर भी किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता है.

जिलेभर में की जा रही है माइकिंग:
केयर इंडिया के आलोक कुमार ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर जिले भर में माइकिंग कराई जा रही है. ई-रिक्शा के जरिए लोगों को परिवार नियोजन की जानकारी दी जा रही है. जिले के सभी प्रखंडों के सभी गांव में प्रचार अभियान को पहुंचाने का लक्ष्य है. 31 मार्च तक संचार अभियान चलेगा और हमलोग लक्ष्य को पा लेंगे ऐसी उम्मीद है.

अस्थाई संसाधनों पर दिया जा रहा है जोर:
आलोक कुमार ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान परिवार नियोजन के अस्थाई संसाधनों पर जोर दिया जा रहा है. लोगों को अधिक से अधिक कंडोम के इस्तेमाल करने के लिए बताया जा रहा है. साथ ही छाया और कॉपर- टी का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. यह परिवार नियोजन के अस्थाई और सुरक्षित संसाधन हैं.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

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