पहले कोरोना से बचाव के लिए किया जागरूक, अब टीके लेने को कर रहे प्रेरित

खरीक पंचायत के युवाओं के प्रयास से लोग हो रहे सुरक्षित
दूसरी लहर की चपेट में आने से पंचायत के लोग बचे रहे
भागलपुर, 9 जून-

कोरोना की दूसरी लहर में काफी संख्या में लोग चपेट में आ रहे थे। तमाम प्रयासों के बावजूद संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। ऐसी विपरीत परिस्थिति में खरीक पंचायत के युवाओं ने अपनी जिम्मेदारी समझी। एक टोली बनाकर गांव में भ्रमण करना शुरू किया। टोली में दो से चार लोग ही रहते हैं और सभी मास्क लगाए रहते हैं। सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। इनलोगों ने शुरुआत लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर की। लोगों से गाइडलाइन का पालन करवाया। अब ये लोग ग्रामीणों को टीका लेने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
सभी लोगों का टीकाकरण होने पर हो जाएंगे सुरक्षितः युवा धर्मेंद्र कुमार कहते हैं कि कोरोना से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना बहुत जरूरी है। इसका संक्रमण इतनी तेजी से होता है कि आप जबतक संभलेंगे, तबतक बहुत लोग चपेट में आ जाएंगे। इसलिए हमलोगों ने मार्च के आखिर से ही अपना काम शुरू कर दिया था। इसी का नतीजा रहा कि दूसरी लहर में मेरी पंचायत का कोई भी चपेट में नहीं आया । वहीं आजाद अंसारी का कहना है कि दूसरी लहर अब लगभग खत्म हो चुकी है। अब हमलोगों का पूरा ध्यान टीकाकरण पर है। हमलोग चाहते हैं कि पंचायत के सभी लोगों का टीकाकरण हो जाए, ताकि पूरी पंचायत कोरोना से सुरक्षित हो जाए।
कोरोना से बचाव के लिए टीका ही एकमात्र विकल्पः युवक नीलकमल कुमार कहते हैं कि गांव के लोगों में टीका के प्रति थोड़ा भ्रम है। इसलिए जागरूकता जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के लोग तो जागरूक कर ही रहे हैं। अगर गांव के लोग करेंगे तो लोगों में टीका के प्रति ज्यादा भरोसा बढ़ेगा। वहीं सौरभ चौधरी कहते हैं कि कोरोना से बचाव के लिए टीका ही एकमात्र विकल्प है। इसलिए सभी लोगों का टीकाकरण आवश्यक है। इसी वजह से हमलोग लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। छात्र राकेश पंडित कहते हैं कि हमलोगों के प्रयास का असर हो रहा है। पहले लोगों ने सामाजिक दूरी का ख्याल रखा और मास्क पहना अब लोग टीका लेने के लिए सामने आ रही हैं।
महिलाओं में टीका के प्रति ज्यादा भ्रमः अजीत कुमार चौधरी कहते हैं कि टीकाकरण बहुत ही जरूरी है। जिस तरह से कोरोना की चपेट में आने से बचने के लिए गाइडलाइन का पालन जरूरी है, उसी तरह लोगों को टीका लेने के लिए सामने आने चाहिए। यह बात हमलोग गांव के लोगों को समझाते हैं। गांव की गृहिणी सुप्रिया भारती कहती हैं कि जब इन युवाओं को हमने कोरोना को लेकर काम करते देखा तो मुझे भी लगा कि मैं भी अपने समूह की महिलाओं में इस तरह का काम कर सकती हूं। इसलिए मैंने भी महिलाओं को टीकाकरण के बारे में समझाया। महिलाओं में टीका के प्रति ज्यादा भ्रम है। उन्हें समझाने में थोड़ी कठिनाई आ रही है, लेकिन समझ जाएंगी यह उम्मीद है।

युवाओं के प्रयास से पंचायत बच गयाः पंचायत की मुखिया उमा देवी कहती हैं कि कोरोना से बचने के लिए लोगों को अपने स्तर से भी प्रयास करना चाहिए। सिर्फ दवा से तो काम नहीं चलेगा। इसके लिए जरूरी है जागरूकता, जिसे लाने के लिए पंचायत के युवा काम कर रहे हैं, जो कि बहुत ही सराहनीय है। वहीं सरपंच वीणा देवी ने भी युवाओं के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आसपास के गांव के लोग चपेट में आ रहे थे। हमलोगों में डर हो गया था, लेकिन युवाओं ने लोगों को जागरूक कर पूरी पंचायत को कोरोना से बचा लिया। पंचायत समिति सदस्य बबलू रजक और गुलबदन पंडित भी कुछ इसी तरह का विचार रखते हैं।

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