पुलिस लाइन केंद्र पर टीकाकरण की रफ़्तार शत-प्रतिशत

5 दिन में 600 पुलिसकर्मियों का हुआ टीकाकरण
दो दिन लक्ष्य से अधिक लोगों को पड़े कोरोना के टीके

बांका-

जिले के पुलिस लाइन केंद्र पर शनिवार से पुलिसकर्मियों का टीकाकरण शुरू हुआ है. 5 दिन में 600 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था जो कि पूरा कर लिया गया है. पहले दिन 100 लोगों का लक्ष्य रखा गया था जिसमें 80 लोगों ने टीके लगवाए. दूसरे दिन 200 लोगों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 170 पूरा हुआ. इसी तरह से तीसरे दिन एक सौ पुलिसकर्मियों को टीका देने का लक्ष्य रखा गया, जिसमें 130 ने टीके लगवाए. चौथे दिन 100 पुलिसकर्मियों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया था. इस दिन 120 को टीके पड़े. पांचवे दिन बुधवार को 100 पुलिसकर्मियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था. इस दिन भी शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया गया. यानी कि 5 दिनों में कुल 600 पुलिसकर्मियों को कोरोना के टीके पड़े. यह आंकड़े उत्साहजनक हैं.
12 लोगों की टीम टीकाकरण के लिए मौजूद है-
पुलिस लाइन केंद्र पर टीकाकरण की जिम्मेदारी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम संभाल रही है. आखिर इस सफलता का राज क्या है, इस पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि 12 लोगों की टीम टीकाकरण के लिए मौजूद है. एएनएम ममता कुमारी और अभिलाषा कुमारी पुलिसकर्मियों को टीके लगा रही हैं. हमने पूरा बैकअप रखा है. टीकाकरण प्रभावित न हो इसकी पूरी व्यवस्था कर रखी है. साथ में हमारी टीम भी काफी दक्ष है.इसलिए हमलोग लक्ष्य को हासिल कर सके हैं.

शंकाओं को भी करते हैं दूर:
डॉ. चौधरी कहते हैं कि वैसे तो इस केंद्र पर टीका लेने के लिए आने वाले पुलिसकर्मी खासा उत्साह दिखा रहे हैं, लेकिन फिर भी अगर किसी के मन में कोई संकोच रहता है तो उसे हमारी टीम दूर कर देती है. हमारी टीम के सदस्य उन्हें यह बात समझाने में कामयाब रहते हैं कि यह टीका आपकी भलाई के लिए है. टीका पड़ने से ना सिर्फ आप कोरोना से बचे रहेंगे, बल्कि आपके जरिए दूसरे लोगों को भी कोरोना नहीं होगा. इस तरह से आप अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी करेंगे.

स्वास्थ्यकर्मी कर रहे हैं पूरी मेहनत:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि कोरोना काल के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं, लेकिन इन चुनौतियों को जिसने अपनी जिम्मेदारी समझा वह इसका आनंद उठा रहे हैं. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों ने भी कोरोना काल में अपने काम को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझा. पुलिस लाइन के अंदर तैनात टीम के सदस्य समय से पहले पहुंच जाते और अपने लक्ष्य को भी निर्धारित समय से पहले हासिल कर लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे लोग केंद्र पर बने रहते हैं. अगर कोई आ गया टीका लेने के लिए तो उसे यहां से वापस नहीं जाना पड़े.

कोरोना की गाइडलाइन का भी रखा जा रहा है ख्याल:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि पुलिस लाइन केंद्र पर टीकाकरण के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का ख्याल रखा जा रहा है. लोग मास्क पहने रहते हैं और सामाजिक दूरी का पालन करते हैं. इसके अलावा टीकाकरण को लेकर भी जो भी गाइडलाइन है, उसका पालन किया जा रहा है. जैसे कि टीका पड़ने के बाद लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता है. इसके अलावा यहां पर एंबुलेंस की भी सुविधा है. अगर किसी को कोई परेशानी हो जाए तो उसका इलाज भी किया जा सकेगा

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