प्रसूति कक्ष और ऑपरेशन थियेटर की गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं के आकलन के लिए लक्ष्य असेस्मेंट टीम ने किया सदर अस्पताल का दौरा

  • केयर इंडिया कि स्टेट टीम के डॉ. प्रवीर के नेतृत्व में असेस्मेंट टीम ने अधिकारियों के साथ की बैठक
  • सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने को ले लक्ष्य कार्यक्रम के तहत देश के अभी अस्पतालों में किया जाता है गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का आकलन

मुंगेर-

सदर हॉस्पिटल मुंगेर स्थित नवनिर्मित ऑपरेशन थियेटर रूम और लेबर रूम में मौजूद गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का लक्ष्य कार्यक्रम के तहत केयर इंडिया स्टेट टीम के असेस्मेंट टीम ने बुधवार को दौरा किया। केयर इंडिया स्टेट टीम से आए डॉ. प्रवीर कुमार के नेतृत्व में असेस्मेंट टीम ने ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम में चल रही गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं को ले सदर हॉस्पिटल मुंगेर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. रामप्रीत सिंह, हॉस्पिटल मैनेजर तौसीफ हसनैन, रिमोट पेशेंट मॉनेटरिंग (आरपीएम) के इंचार्ज रूप नारायण, लेबर रूम इंचार्ज नीतू कुमारी, डीटीएल केयर डॉ. अजय आर्य, डीटीओएफ डॉ. नीलू सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।

केयर इंडिया की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा मातृ और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में दी जा रही सेवाओं में गुणवत्ता सुधार को ले 18 मार्च 2018 में लक्ष्य कार्यक्रम शुरू की गई। इसी कार्यक्रम के तहत डॉ. प्रवीर कुमार के नेतृत्व में केयर इंडिया की स्टेट लक्ष्य असेस्मेंट टीम ने बुधवार को सदर हॉस्पिटल के ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम का निरीक्षण करने के साथ यहां दी जा रही गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का आकलन किया। इसके साथ हीं लक्ष्य असेस्मेंट टीम ने इस विषय पर हॉस्पिटल डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. रामप्रीत सिंह, हॉस्पिटल मैनेजर तौसीफ हसनैन, लेबर रूम इंचार्ज नीतू कुमारी सहित कई मेडिकल स्टाफ और अधिकारियों के साथ बातचीत की।

क्या है लक्ष्य कार्यक्रम ?
भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 18 मार्च 2018 में देश के सभी अस्पतालों में लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर रूम में दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता सुधार को ले लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के तहत प्रसूति के दौरान महत्वपूर्ण देखभाल के लिए देश के सभी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के स्तर पर प्रसूति सम्बंधी गहन देखभाल के लिए इंसेंटिव केयर यूनिट(आईसीयू) और सभी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटलों में प्रसूती देखभाल के लिए उच्य निर्भरता इकाइयों( एचडीयू) संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ हीं रेफरल हॉस्पिटल में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में भी यह सेवा क्रियान्वित हैं ।

लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर की गुणवत्ता सुधार से मातृ और शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी :
उन्होंने बताया कि सभी हॉस्पिटल के लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में दी जा रही सुविधाओं की कि गुणवत्ता में सुधार के बाद देश में मातृ और शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आएगी और मरीजों का सही इलाज सही समय पर किया जा सकेगा।

एनक्यूएएस के जरिये किया जाता है गुणवत्ता परक सुधार का आंकलन :
उन्होंने बताया कि सभी हॉस्पिटलों के लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर रूम की के गुणवत्तापरक सुधार का आकलन आंकलन राष्ट्रीय गुणवत्ता अस्वाशन मानक (एनक्यूएएस) के जरिये किया जाता है। उन्होंने बताया कि एन क्यूएएस पर 70 प्रतिशत अंक पाने वाली प्रत्येक सुविधा को लक्ष्य प्रमाणित सुविधा का प्रमाणपत्र दिया जाता है। एनक्यू एएस के अंकों के अनुसार लक्ष्य प्रमाणित सुविधाओं का वर्गीकरण किया जाता है। इसके अनुसार 90%, 80% और 70% अंक हासिल करने वाली सुविधाओं को इसी के अनुसार प्लेटिनम, गोल्ड और सिल्वर बैज प्रदान किए जाते हैं।

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