बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए आज से शुरू हो रहा है सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा

  • जिला भर में 15 से 29 जुलाई तक मनाया जाएगा पखवाड़ा
  • राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलों के सिविल सर्जन के साथ ही अन्य अधिकारियों को जारी की चिट्ठी

लखीसराय –

जिला के सभी बच्चों को डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए गुरुवार 15 जुलाई से लेकर 29 जुलाई तक जिला भर में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा मनाया जाएगा । इसको ले राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सभी जिलों के सिविल सर्जन के साथ ही सभी क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं एवं क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई को एक पत्र जारी किया है।
पखवाड़ा के सफल संचालन को ले कई आवश्यक निर्देश
जिला के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र चौधरी ने बताया कि गुरुवार से शुरू हो रहे सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा की तैयारियों की समीक्षा को ले मंगलवार को एक ऑनलाइन समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई थी जिसमें कार्यपालक निदेशक ने पखवाड़ा के सफल संचालन को ले कई आवश्यक निर्देश दिए।
जिंक टैबलेट और ओआरएस घोल की मात्रा के बारे में आशा कार्यकर्ता द्वारा जानकारी दी जाएगी
उन्होंने बताया कि सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा 15 से 29 जुलाई के दौरान आशा कार्यकर्ता के द्वारा घर- घर जाकर पांच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के बीच जिंक टैबलेट और ओआरएस के शैशेका निःशुल्क वितरण किया जायेगा। इसके साथ ही बच्चों की माताओं को जिंक टैबलेट और ओआरएस घोल की मात्रा के बारे में आशा कार्यकर्ता द्वारा जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि दो से छह माह से कम उम्र के बच्चों को 20 एमजी के जिंक टैबलेट कि आधी गोली और छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को एक गोली दी जानी है। इसी तरह से दो माह से कम उम्र के बच्चों को ओआरएस घोल का पांच चम्मच, दो माह से दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को 50 से 100 एमएल एवं दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी बच्चों को ओआरएस घोल का 200 एमएल के घोल को प्रत्येक दस्त के बाद पिलाया जा सकेगा।

कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए आशा कार्यकर्ता के द्वारा वितरित किया जाएगा जिंक टैबलेट और ओआरएस :
उन्होंने बताया कि सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के दौरान बच्चों को डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए आशा कार्यकर्ता के द्वारा जिंक टैबलेट और ओआरएस के शैशे के वितरण के दौरान कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं को अनिवार्य रूप से मास्क लगाने के साथ ही शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना है। इसके साथ ही एक निश्चित अंतराल के बाद हाथों की साफ-सफाई के लिए साबुन या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना है।

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