बच्चों को पिलाया जाएगा पोलियो ड्रॉप, बड़ों को टीका लेने को किया जाएगा जागरूक

27 जून से शुरू हो रहा है पल्स पोलियो अभियान
बांका सदर प्रखंड में टास्क फोर्स की हुई बैठक

बांका, 19 जून-

27 जून से जिले में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो रही है। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में शनिवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठक हुई। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी, मैनेजर अल्पना कुमारी, केयर इंडिया की सीमा जी, डब्ल्यूएचओ के रमण सिन्हा, यूनिसेफ से देवानंद और आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मौजूद थे। बैठक में तय हुआ कि इस बार पल्स पोलियो अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, सेविका-सहायिका और एएनएम न सिर्फ बच्चों को पोलियो का ड्रॉप पिलाएंगी, बल्कि घर में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना का टीका लेने के लिए जागरूक भी करेंगी। घर में कोरोना का टीका नहीं लेने वाले लोगों की पहचान भी ये लोग करेंगी। इसके बाद उन्हें नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर ले जाने का काम भी किया जाएगा।
पोलियो ड्रॉप पिलाने के साथ-साथ घर में 18 साल और 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की पहचान भी की जाएगी-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि बैठक में पल्स पोलियो अभियान से संबंधित तैयारी को लेकर चर्चा हुई। साथ ही बैठक में यह भी तय हुआ कि 27 जून से बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने के साथ-साथ घर में 18 साल और 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की पहचान भी की जाएगी। किसने टीका लिया है और किसने नहीं, इसकी जानकारी ली जाएगी। जिनलोगों ने टीका नहीं लिया होगा, उन्हें टीका लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही अगर मन में किसी तरह का कोई भ्रम होगा तो उसे भी दूर किया जाएगा। इसके अलावा अगर घर के किसी सदस्य ने टीका का एक डोज ले लिया है तो उन्हें जल्द से जल्द दूसरी डोज लेने के लिए भी कहा जाएगा। उन्हें समझाया जाएगा कि दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी और आप कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
प्रखंड में 38 हजार बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का है लक्ष्यः
डॉ. चौधरी ने बताया कि 27 जून से शुरू हो रहे अभियान में इस बार सदर प्रखंड के लगभग 38 हजार बच्चों को पोलियो का ड्रॉप पिलाने का है लक्ष्य। कोरोना को देखने हुए बच्चों को दवा पिलाते वक्त स्वास्थ्यकर्मी बच्चे को छुएंगे नहीं। मां की गोद में ही बच्चे रहेंगे। परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को इस दौरान अनिवार्य तौर पर मास्क पहनना होगा। कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए अभियान चलाया जाएगा। साथ ही यह भी ध्यान दिया जाएगा कि कोई भी बच्चा इस अभियान के दौरान छूट नहीं जाए।
सोमवार से शुरू होगा प्रशिक्षणः
डॉ. चौधरी ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान को लेकर सोमवार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका व एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में उन्हें यह समझाया जाएगा कि इस बार किस तरह से पल्स पोलियो अभियान चलाना है। साथ ही अभियान के दौरान बच्चे से कितनी दूरी बनाकर रखनी है, यह भी बताया जाएगा। इसके अलावा अन्य सावधानियों के बारे में भी प्रशिक्षण के दौरान इनलोगों को बताया जाएगा।

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