मधुमेह रोगी दवाई के साथ उचित आहार प्रबंधन का भी रखें ध्यान

-मधुमेह रोगी दवा के साथ खुद पर नियंत्रण रख जी सकते हैं सामान्य जीवन
-विश्व मधुमेह दिवस पर सैंडिस कंपाउंड से निकाला गया जागरूकता अभियान
भागलपुर, 14 नवंबर
विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर भारतीय आहारिकी संघ (आईडीए) बिहार चैप्टर ने भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड (जयप्रकाश उद्यान) में सुबह स्वास्थ्य लाभ के लिए भ्रमण करने वाले नागरिकों के बीच मधुमेह में उपयुक्त आहार विषय पर जागरूकता अभियान चलाया। जागरूकता अभियान का शुभारंभ करते हुए आइडिया बिहार चैप्टर की अध्यक्ष सह विभागाध्यक्ष खाद्य एवं पोषण विभाग डॉ ममता कुमारी ने बताया कि मधुमेह रोगी में दवाई के साथ-साथ उचित आहार प्रबंधन का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने कहा कि यदि हम उचित आहार प्रबंधन एवं योग व व्यायाम को शामिल कर, चिकित्सक के द्वारा सुझाए हुए दवाई का सेवन करें तो हम मधुमेह को अच्छे प्रकार नियंत्रण कर सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने अपने दैनिक आहार में एक तिहाई भाग हरी सब्जी लेने की बात कही, ताकि उचित मात्रा में विटामिन एवं मिनरल्स शरीर को मिल सके। सिंपल शुगर की जगह पर काम्प्लेक्स शुगर एवं नमक -चीनी और फैट कम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भोजन में रेशेयुक्त सब्जियों का प्रयोग, साबुत अनाज, प्रोटीन एवं कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का प्रयोग करने से हमारा शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ आनंद भगत, पूर्व विभागाध्यक्ष हड्डी एवं नस विभाग मेडिकल कॉलेज भागलपुर ने कहा कि हमें थोड़े-थोड़े अंतराल पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लेने की आदत डालनी चाहिए। साथ ही अपने लिए गए भोजन से मिलने वाली कैलोरी एवं उसकी खपत पर भी ध्यान देना चाहिए। आज के समय में आरामदायक जीवन शैली एवं खान-पान पर नियंत्रण नहीं होने के कारण मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
दवाई के साथ योग और व्यायाम पर भी दें ध्यानः आईडीए के सचिव एवं पोषण विशेषज्ञ डॉ मनोज कुमार ने कहा कि मधुमेह रोगियों को अच्छे प्रकार से नियंत्रण कर सामान्य जीवन जीने की दिशा में हमें उचित आहार, योग एवं व्यायाम, दवाई एवं समय-समय पर जांच कराना आवश्यक है। हमें ऐसी जीवनशैली जीने की जरूरत है, ताकि हम मधुमेह के शिकार ही न हो, उसके लिए हमें अपने उम्र के अनुसार कैलोरी का सेवन, अपने भोजन में आहार विविधता यानी कि सभी पोषक तत्व की उचित मात्रा में सेवन हरी सब्जियों एवं फल को अधिक महत्व देते हुए स्थानीय भोजन एवं घर के बनाए हुए भोजन को थाली में लाने की जरूरत है। आज के समय में बाहर के भोजन का अधिक प्रयोग करने के कारण वसा, शुगर और चीनी तीनों की मात्रा शरीर में बढ़ रही है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है। कार्यक्रम में कई वरीय नागरिक एवं महिलाओं ने संबंधित प्रश्न किए, इसके उचित समाधान के लिए उत्तर दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. महादेव प्रसाद साह, डॉ प्रमिला प्रसाद, डॉ. संदीप कुमार, कुसुम भारती, डॉ. जूली कुमारी, संतोष कुमार उपस्थित रहे।

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