विश्व तम्बाकू निषेध दिवस: जिलेभर में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने ली तम्बाकू इस्तेमाल नहीं करने की शपथ

  • सदर अस्पताल में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में आयोजित हुआ शपथ ग्रहण समारोह
  • सदर पीएचसी लखीसराय में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सको ने भी ली तम्बाकू नहीं इस्तेमाल करने की शपथ

लखीसराय-

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल परिसर लखीसराय में जिले के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अस्पताल के डॉक्टरों के साथ ही अन्य सभी स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों ने तम्बाकू उत्पाद इस्तेमाल नहीं करने की शपथ ली। साथ ही जिला मुख्यालय स्थित जिला समाहरणालय के अलावा सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारियों ने भी तम्बाकू उत्पाद इस्तेमाल नहीं करने की शपथ ली।

शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता करते हुए जिले के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र चौधरी ने बताया कि इस वर्ष के विश्व तम्बाकू निषेध दिवस का थीम “कमिट टू क्विट ” है। देशभर में प्रति वर्ष तम्बाकू सेवन से लगभग 13 लाख लोगों की मौत हो जाती है। बिहार में भी लगभग 25.9% लोग तम्बाकू उत्पादों का बेफिक्र होकर इस्तेमाल करते हैं। कोरोना काल में किसी भी प्रकार के तम्बाकू का इस्तेमाल स्वास्थ्य चुनौतियों को कई गुना बढा देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस आशय की पुष्टि की है। समारोह में मौजूद जिले के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुरेश शरण ने बताया विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिले के डॉक्टर सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी खुद तम्बाकू उत्पाद इस्तेमाल नहीं करने के शपथ लेने के साथ ही अन्य लोगों और अपने परिवार के सदस्यों को भी तम्बाकू उत्पाद इस्तेमाल नहीं करने के लिए जागरूक करेंगे। इसके साथ ही जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्यय केंद्र पर आने वाले आगन्तुकों को जागरूक करने के लिए इससे सबंधित पोस्टर लगाए जाएंगे। साथ ही इन स्थानों पर स्वास्थ्य कर्मी लोगों को अपने स्तर से जागरूक करने का हरसंभव प्रयास करेंगे । वो लोगों के बीच तंबाकू निषेध जागरुकता को ले पम्पलेट का भी वितरण करेंगे ।ताकि लोग तम्बाकू उत्पाद की गिरफ्त में आने से बच सके और खुद को श्वसन संबंधी कई बीमारियों से बचा भी सके।

लखीसराय सदर पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया सोमवार को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर हमारे पीएचसी पर कार्यरत डॉक्टर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से आमंत्रित करीब 36 प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों ने भी तम्बाकू उत्पाद का खुद इस्तेमाल नहीं करने के साथ ही अपने क्षेत्र में अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने की शपथ ली। उन्होंने बताया तम्बाकू उत्पाद को छोड़ने के एक साल के अंदर उसमें ह्रदय रोग होने की संभावना बिल्कुल आधी रह जाती है।

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