सदर अस्पताल में एसएनसीयू की सुविधाएं और होगी सुदृढ़, नवजातों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा

  • जिलाधिकारी ने केयर इंडिया की टीम के साथ बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश
  • उपलब्ध सुविधाओं का होगा विस्तार, समुचित स्वास्थ्य सेवा का मिलेगा लाभ

खगड़िया, 24 नवंबर।
खगड़िया सदर अस्पताल में संचालित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में उपलब्ध तमाम सुविधाएं और सुदृढ़ होगी एवं जरूरतमंद नवजातों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। ताकि पीड़ित नवजातों का स्थानीय स्तर पर ही समुचित इलाज हो सके और परिजनों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़े। इसको लेकर मंगलवार की देर शाम जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष ने केयर इंडिया की स्थानीय सहित राज्यस्तरीय टीम के साथ एक बैठक की। जिसमें एसएनसीयू में उपलब्ध सुविधाओं को और विस्तार करने के लिए केयर इंडिया की टीम के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान बैठक में मौजूद केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद को इसे सुनिश्चित करने को लेकर नियमित तौर पर एसएनसीयू की मानिटरिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही जिलाधिकारी ने भी इसे सुनिश्चित करने को लेकर खुद भी हर संभव आवश्यक मदद का आश्वासन दिया। बैठक में केयर इंडिया की राज्यस्तरीय टीम के डाॅ नीरज कुमार एवं डाॅ पंकज कुमार के अलावा स्थानीय डीटीएल अभिनंदन आनंद सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।

  • केयर इंडिया की राज्य मस्तरीय टीम ने एसएनसीयू का निरीक्षण कर जिलाधिकारी को सौंपी रिपोर्ट :
    पटना से आई केयर इंडिया की राज्य स्तरीय टीम ने स्थानीय डीटीएल अभिनंदन आनंद के साथ जिलाधिकारी की बैठक के पूर्व एसएनसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान एसएनसीयू में उपलब्ध सुविधाओं एवं सुविधाओं के विस्तार से संबंधित एक रिपोर्ट तैयार की, जिसे बैठक के दौरान जिलाधिकारी णको सौंपा। जिसपर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन देते हरसंभव मदद की बात कही।
  • साँस से पीड़ित नवजात को दी जाती है एसएनसीयू की सेवा :
    केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, साँस से पीड़ित नवजात को एसएनसीयू की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जहाँ बच्चे के सुरक्षा के मद्देनजर स्वास्थ कर्मी पूरी सतर्कता के साथ नवजात को यह सुविधा उपलब्ध कराते हैं। ताकि नवजात को अन्य परेशानियाँ से नहीं जूझना पड़े। इस दौरान अस्पतालों में कर्मियों द्वारा साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है एवं नवजात के परिजनों को भी आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक किया जाता है। साथ ही साथ सरकार के गाइलाइन का भी पालन किया जाता है।

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