सीबीएसई ने ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल के साथ छात्रों को कुशल बनाने जॉब रोल्स के लिए एमओयू किया साईन

सीबीएसई के साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाला बीएंडडब्ल्यूएसएससी पहला सेक्टर स्किल काउंसिल बना

नई दिल्ली: स्कूली छात्रों के बीच समग्र कल्याण और रोजगार कौशल को बढ़ावा देने की दृष्टि से, सीबीएसई ने ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल के साथ 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए ब्यूटी एंड वेलनेस के क्षेत्र में छात्रों को कुशल बनाने जॉब रोल्स के लिए एमओयू साईंन कर लिया है। सीबीएसई के साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाला बीएंडडब्ल्यूएसएससी पहला सेक्टर स्किल काउंसिल बन गया है। सीबीएसई अध्यक्ष मनोज आहूजा की उपस्थिति में सीबीएसई निर्देशक कौशल शिक्षा और प्रशिक्षण, डॉ. बिस्वजीत साहा और बीएंडडब्ल्यूएसएससी सीईओ मोनिका बहल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस सहजीवी संघ का उद्देश्य स्कूली छात्रों के लिए चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत मुख्यधारा की शिक्षा के साथ-साथ कौशल शिक्षा में प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करना है।
इस संयुक्त पहल पर टिप्पणी करते हुए सीबीएसई अध्यक्ष मनोज आहूजा ने कहा, “हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुसार स्कूली छात्रों को कम से कम 50 प्रतिशत कौशल शिक्षा का अनुभव होना चाहिए। इस सहयोग में आगे स्कूल इकोसिस्टम में ‘कौशल शिक्षकों का प्रशिक्षण’ भी शामिल होगा; और बीएंडडब्ल्यूएसएससी के समर्थन से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सीबीएसई स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हों। मुझे बेहद गर्व है कि सीबीएसई ने बीएंडडब्ल्यूएसएससी के साथ मिलकर 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए कौशल के रूप में योगा जैसे विषय को भी लॉन्च किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, छात्रों के लिए शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और मानसिक कल्याण सहित समग्र शिक्षा की बात करती है; और योगा समग्र विकास का एक अभिन्न अंग है। स्कूली छात्रों के लिए योगा को एक कौशल विषय के रूप में संस्थागत बनाने का यह प्रयास ना सिर्फ उन्हें रोजगार योग्य बनाएगा बल्कि उनके अपने 360-डिग्री विकास में भी सहयोग देगा।
स्कूलों में कौशल शिक्षा की शुरूआत, छात्रों को परिभाषित करियर पथ की ओर केंद्रित करने में मदद देगा और उन्हें भारत की गिग अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने और सम्मानजनक आजीविका कमाने में भी मदद देगा।
मोनिका बहल सीईओ- बीएंड डब्ल्यूएसएससी के अनुसार “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) के तहत, नौवीं से बारहवीं कक्षा के सीबीएसई छात्रों के लिए सौंदर्य और योग एनएसक्यूएफ अनुपालन कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। बीएंडडब्ल्यूएसएससी इन विषयों में सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों के लिए ‘ट्रेन द ट्रेनर’ कार्यक्रम भी आयोजित करेगा, ताकि उनके छात्रों के उद्योग के लिए आवश्यक कौशल आधारित प्रशिक्षण को संरेखित किया जा सके। छात्र कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए एनएसक्यूएफ स्तर 3 पाठ्यक्रम और कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए एनएसक्यूएफ स्तर 4 पाठ्यक्रम चुन सकते हैं। ये कौशल आधारित पाठ्यक्रम छात्रों को उनकी स्कूली शिक्षा पूरी होने पर नौकरी/व्यवसाय के लिए तैयार कर देंगे और बीएंडडब्ल्यूएसएससी इसमें उनकी सहायता करेंगे।ये वोकेशनल कोर्स दो साल की अवधि के लिए चलेंगे और स्कूलों में केवल छात्रों को उनकी चुनी हुई स्ट्रीम में कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित किए जाएंगे। स्कूलों में कौशल-आधारित शिक्षा की शुरूआत से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अपने चुने हुए कौशल विषय में एक अच्छी तरह से परिभाषित करियर पथ पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी ऊर्जा का उपयोग करने में मदद मिलेगी और उन्हें भारत की गिग अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने और सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में भी मदद मिलेगी।

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