100 करोड़ टीकाकरण का सफर:
जिले में सबसे पहले टीका लिया, अब एक-एक व्यक्ति का टीकाकरण कर रहे सुनिश्चित

-शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी टीकाकरण में निभा रहे अपना योगदान
-शहर से लेकर गांव तक के लोगों को कोरोना टीका के प्रति कर रहे हैं जागरूक, गिना रहे हैं इसके फायदे
बांका, 22 अक्टूबर।
जिले में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी को हुई। सबसे पहले कोरोना का टीका कौन लेगा, जब इस बात पर बहस चल ही रही थी कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी सामने आए और सबसे पहले कोरोना का टीका लगवाने को तैयार हो गए। सबसे पहले तो कोरोना का टीका ली ही, इसके बाद वह टीकाकरण अभियान में इस कदर लग गए कि अभी तक बांका शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में शत प्रतिशत टीकाकरण करवा दिया है। बांका सदर प्रखंड में कुछा पंचायतें भी आती हैं, इसलिए टीकाकरण को लेकर गांवों में चल रहे अभियान में वह भागीदार रहते हैं।
डॉ. चौधरी कहते हैं कि टीका के प्रति मेरे मन में शुरू से ही कोई संदेह नहीं था। आखिर सरकार ने कई लोगों पर शोध के बाद इसे जारी किया था। इसलिए संदेह का कोई प्रश्न ही नहीं था, इसलिए जिले में सबसे पहले मैं कोरोना का टीका लेने के लिए तैयार था। इसका काफी फायदा हुआ। लोग यह समझने लगे कि जब यह डॉक्टर होकर पहले टीका ले रहे हैं तो जरूर इससे फायदा होगा। इसके बाद अन्य स्वास्थ्यकर्मी और फिर आम आदमी टीका लेने के लिए बड़े पैमाने पर सामने आने लगे।
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही एकमात्र विकल्पः डॉ. चौधरी कहते हैं कि मैं क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह समझाता हूं कि कोरोना से बचाव का टीकाकरण ही एकमात्र विकल्प है। जब तक सभी लोगों को कोरोना का टीका नहीं लग जाता है, तब तक हम कोरोना से पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रहेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि लोग भी अब इस बात को समझने लगे हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग कोरोना का टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं।
दूसरी डोज पर फोकसः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। बहुत सारे लोगों ने दूसरी डोज भी ले ली है, लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो पहली डोज ले लेने के बाद समय पूरा हो जाने पर भी दूसरी डोज नहीं ली है। अब हमलोग ऐसे लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्हें समझा रहे हैं कि टीके की दोनों डोज ले लेने के बाद ही आप कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित हो पाएंगे। इसलिए एक डोज लेने के बाद यह नहीं समझें कि मेरा टीकाकरण हो गया। जब तक टीके की दोनों डोज नहीं लेंगे, तब तक आपकी टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। इसलिए समय पूरा हो जाने पर टीके की दूसरी डोज अवश्य लें।

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