16 को डेंगू दिवस पर जिलेभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे

सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को भेजी गई चिट्ठी
जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण कार्यालय बांका में डेंगू की रोकथाम को लेकर होगा विमर्श
बांका, 13 मई
16 मई सोमवार को डेंगू दिवस है। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य समिति तैयारी में जुट गया है। उस दिन सदर अस्पताल में इसे लेकर बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे लेकर सभी अस्पताल के प्रभारियों को चिट्ठी भेज दी गई है।जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण कार्यालय बांका  में भी बैठक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी अध्यक्षता जिला वेक्टर्न बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार यादव करेंगे।
डॉ. बीरेंद्र कुमार यादन ने बताया कि 16 मई को डेंगू दिवस पर जिलेभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे लेकर सभी अस्पतालों के प्रभारियों को चिट्ठी लिख दी गई है। सभी को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया है। लोगों डेंगू से बचाव को लेकर जागरूक किया जाएगा। उस दिन बुद्ध पूर्णिमा को लेकर सरकारी छुट्टी है, इसके बावजूद विभाग के सभी कर्मियों को दफ्तर आने के लिए कहा गया है। उस दिन बैठकर हमलोग इस पर चर्चा करेंगे। डेंगू के इलाज को लेकर दवा व अन्य जरूरी चीजों की उपलब्धता पर बात की जाएगी।
एडिस मच्छर के काटने से होता है डेंगूः डॉ. बीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि एडिस मच्छर के काटने से डेंगू होता है। यह मच्छर दिन में काटता है और स्थिर एवं साफ पानी में पनपता है। तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द हो तो सतर्क हो जाएं। त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान, नाक- मसूढ़ों से या उल्टी के साथ रक्तस्राव होना और काला पखाना होना डेंगू के लक्षण हैं।  यदि किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है तो उसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या फिर डॉक्टर से संपर्क करें।
समय पर इलाज कराने पर मरीज हो जाता है स्वस्थः डॉक्टर बीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सभी तरह के बुखार डेंगू नहीं होता है। बुखार होने पर बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर जांच के बाद जैसा कहेंगे, उसके अनुसार अपना इलाज करवाएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती होना पड़ता है। समय पर इलाज कराने पर मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो सकता है।
दिन में सोते समय भी लगाएं मच्छरदानीः वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने कहा कि दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। इसके साथ-साथ मच्छर भगाने वाली क्रीम या दवा का प्रयोग दिन में भी करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। घर के सभी कमरों को साफ-सुथरा रखें। टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी, फ्रिज में पानी जमा नहीं होने दें। पानी टंकी और घर के आसपास अन्य जगहों पर भी पानी नहीं जमने दें और समय समय पर सफाई करें। घर के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें और कीटनाशक दवा का इस्तेमाल करें। गमला, फूलदान का पानी हर दूसरे दिन बदल दें। घर के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर सतर्कता जरूरी है। मॉल व दुकान चलाने वाले लोग भी खाली जगहों पर रखे डिब्बे और कार्टनों में पानी जमा नहीं होने दें। जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल डालें।

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