25 को मलेरिया दिवस पर जिलेभर में आयोजित होंगे कार्य़क्रम

-वेक्टर जनित रोग कार्यक्रम, बिहार के अपर निदेशक ने सभी जिलों को पत्र जारी कर दिए निर्देश
-जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने सभी अस्पतालों में मलेरिया दिवास मनाने के दिए निर्देश
भागलपुर, 16 अप्रैल।
आगामी 25 अप्रैल को जिलेभर में विश्व मलेरिया दिवस दिया मनाया जाएगा। इसे लेकर अभी तैयारी चल रही है। इस दौरान जिला मुख्यालय से लेकर प्रखण्ड स्तर पर मलेरिया से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दिन आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम बिहार के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम निदेशक ने भागलपुर सहित अन्य जिलों के सिविल सर्जन, एसीएमओ और जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश जारी किया है। जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने जिले के सभी पीएचसी, रेफरल और अनुमंडल अस्पताल के प्रभारियों को 25 को मलेरिया दिवस मनाने का निर्देश दिया है। इसे लेकर 25 अप्रैल को सदर अस्पताल में भी कार्यक्रम का आय़ोजन किया जाएगा।
जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने कहा कि मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इसमें कंपकंपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। उन्होंने कहा कि फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
सोते समय मच्छरदानी का करें प्रयोगः डॉ. पटेल ने मलेरिया से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसापस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें। उन्होंने कहा कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की तरफ से डीडीटी का छिड़काव कराया जाता है। छिड़काव कर्मियों के आने पर उनका सहयोग करें और छिड़काव की तिथि की जानकारी ग्रामीणों को दें।
सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज की मुफ्त व्यवस्थाः डॉ. पटेल ने कहा कि मलेरिया बुखार होने पर पीड़ित व्यक्ति को नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए। खून की जांच में मलेरिया निकलने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इसकी निःशुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था है। मलेरिया फैलाने वाला मच्छर किसी स्थान पर ठहरे हुए साफ पानी और धीमी गति से बहने वाली नालियों में अंडे देती है और वहां पर पनपती है।
आशा के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्थाः डॉ. पटेल ने बताया कि आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच कर रही हैं। प्रति जांच उन्हें 15 रुपये की राशि देने की भी व्यवस्था है। साथ ही मरीज मिलने पर उसका इलाज कराने पर 75 रुपये प्रति मरीज अलग से दिए जाने की व्यवस्था है। साफ है कि जिले को मलेरिया से मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 2030 तक मलेरिया को खत्म करने का लक्ष्य है, इसे लेकर प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: