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फुटेज नहीं मिलने पर जांच एजेंसी चली गई थी कोर्ट काराधीक्षक हामिद अख्तर व जेलर नसीम खान से लंबी पूछताछ : नहीं मिला संतोषजनक जवाब

 ईडी ने शुक्रवार को रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार के काराधीक्षक हामिद अख्तर व जेलर नसीम खान से पूछताछ की। इस पूछताछ में दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

ईडी ने शुक्रवार को रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार के काराधीक्षक हामिद अख्तर व जेलर नसीम खान से लंबी पूछताछ की। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों को जेल में जेल मैनुअल के विरुद्ध लाभ पहुंचाने और ईडी को सीसीटीवी फुटेज नहीं देने के मामले में ये पूछताछ की गई।

ईडी की विशेष अदालत के आदेश के बाद का सीसीटीवी फुटेज देने के मामले को गंभीरता से लेते हुए ईडी ने जब जेल अधीक्षक से सवाल दागा तो वे ईडी के सामने नतमस्तक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें कंफ्यूजन हो गया कि किस अवधि का सीसीटीवी फुटेज देना है।

जेल अधीक्षक ने कहा कि वे अमित अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद वाला सीसीटीवी फुटेज दे सकते हैं। इसपर ईडी ने कहा कि जेल प्रशासन से पूजा सिंघल के 11 मई 2022 को जेल जाने के बाद का सीसीटीवी फुटेज मांगा गया था।

पूजा सिंघल के बाद पंकज मिश्रा और प्रेम प्रकाश गिरफ्तार हुआ था। दोनों की गिरफ्तारी संताल के क्षेत्र में 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में हुई थी। उन सभी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की मांग की गई थी, लेकिन नहीं मिली। इसपर जेल अधीक्षक ने दिखवाने का भरोसा दिलाया है और कहा है कि वे देखकर ही कुछ बता पाएंगे।

जेल में रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन व प्रेम प्रकाश की जेल में रात के अंधेरे में अवैध तरीके से मुलाकात कराने के मामले में जेल के दोनों ही वरिष्ठ अधिकारी अपने जवाब से ईडी को संतुष्ट नहीं कर पाए हैं। देर रात तक पूछताछ के बाद दोनों ही अधिकारियों को ईडी ने फिलहाल जाने दिया है। उन्हें दोबारा समन किया जा सकता है।

दोनों ही अधिकारियों को ईडी ने मांगी गई अवधि के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को कहा है। उसके बाद फिर आगे की पूछताछ होगी।

प्रेम प्रकाश और छवि रंजन की मुलाकात पर भी पूछताछ

इधर, रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में पांच मई को रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन व नेताओं व नौकरशाहों के करीबी प्रेम प्रकाश के बीच हुई मुलाकात मामले में कारा निरीक्षणालय ने जेल अधीक्षक हामिद अख्तर को शो काज किया था।

जेल निरीक्षणालय के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जेल अधीक्षक हामिद अख्तर को यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया था कि वे बताएं कि किस जेल मैनुअल के तहत दोनों की मुलाकात कराई। जेल अधीक्षक ने स्पष्टीकरण का जो जवाब दिया, उससे जेल निरीक्षणालय संतुष्ट नहीं हुआ।

उन्हें बताया गया कि जेल मैनुअल पर उनका तर्क अस्वीकार्य है। उन्हें फिर से पूरी स्थित स्पष्ट करने को कहा गया, लेकिन दूसरे जवाब में भी हामिद अख्तर जेल निरीक्षणालय को संतुष्ट करने में विफल रहे। अब उन्हें तीसरी बार स्पष्टीकरण किया गया है, जिसका जवाब आना शेष है। उनका जवाब मिलने पर जेल निरीक्षणालय अगर असंतुष्ट होता है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए सरकार से अनुशंसा करेगा।

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