जानिए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार मार्गेट अल्वा की बायोग्राफी

एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए जगदीप धनकड़ का नाम घोषित किया जिन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है वही विपक्ष ने भी उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है जिनका नाम  मार्गरेट अल्वा  है. मार्गरेट अल्वा भारतीय राजनीति में कोई नया नाम नहीं है . वह राजस्थान राज्य की राज्यपाल रह चुकी हैं. इसके साथ ही उन्होंने 6 अगस्त 2009 से 14 मई 2012 तक उत्तराखंड की पहली महिला राज्यपाल के रूप में कार्य किया. वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक वरिष्ठ सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की महासचिव रह चुकी हैं. इसके साथ ही, वह मर्सी रवि अवॉर्ड से सम्मानित भी हैं.

मार्गरेट अल्वा का जन्म 14 अप्रैल 1942 को मैंगलूर के पास्कल एम्ब्रोस नजारेथ और एलिजाबेथ नजारेथ के यहां हुआ था. अल्वा ने अपनी हायर एजुकेशन बेंगलुरु से की, जहां माउंट कार्मेल कॉलेज और राजकीय लॉ कॉलेज से पढ़ाई की. मार्गरेट की शादी 24 मई 1964 को निरंजन अल्वा से हुई।

निरंजन थॉमस अल्वा की मुलाकात पहली बार मार्गरेट अल्वा से छात्रों के रूप में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में हुई थी। इनके पति एक निर्यात व्यवसायी थे। उनकी एक बेटी और तीन बेटे हैं. उनके दो बेटों निरेत अल्वा और निखिल अल्वा ने मिलकर 1992 में मेडिटेक नमक कंपनी की स्थापना की, जो कि एक टेलीविज़न सॉफ्टवेयर कंपनी है.

एक सांसद के रूप में उन्होंने महिला-कल्याण के कई कानून पास कराने में भूमिका अदा की थी. महिला सशक्तिकरण संबंधी नीतियों का ब्लू प्रिंट बनाने और उसे केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा स्वीकार कराये जाने की प्रक्रिया में उनका मूल्यवान योगदान रहा. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने तो उन्हें वहां के स्वाधीनता संग्राम में रंगभेद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में अपना समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया. वे संसद की अनेक समितियों में रहने के साथ राज्य सभा के सभापति के पैनल में भी रही हैं.

अल्वा ने पढ़ाई के बाद बहुत जल्द ही एक एडवोकेट के रूप में पहचान बना ली थी. कानूनी लड़ाई के पेशे में रहते हुए उन्होंने ऑयल पेंटिंग  बनाने जैसी ललितकला और गृह-सज्जा के क्षेत्र में भी हाथ आजमाए थे. उन्होंने एक बार कहा था कि उन्होंने सती निवारण को लेकर कानून की पहल की तो राजपूत समाज के सांसद उनसे मिले. उन्होंने कहा कि आप तो क्रिश्चन हैं और राजपूत समाज की परंपराओं को क्या जानती हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनके परिवार एवं रिश्तेदारी में जो मां-बहनें विधवा हैं, उनके साथ ऐसा क्यों नहीं किया गया.

मार्गरेट के पति निरंजन अल्वा के पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे. उनके पिता का नाम जोकिम अल्वा था. आपको बता दें मार्गरेट 5 बार सांसद रहीं . इसके अलावा वह चार बार महत्वपूर्ण महकमों की राज्यमंत्री भी रह चुकी हैं.

एक महिला होने के बाद भी सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनके किए गए जरूरी योगदानों के आधार पर साल 2012 में मार्गरेट अल्वा को मर्सी रवि के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने मार्गरेट अल्वा के नाम की घोषणा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में किया । मार्गरेट अल्वा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से आभार व्यक्त करते हुए ट्वीट किया की “उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में नामित होना मेरे लिए सम्मान की बात है”

तो ये थी मार्गेट अल्वा की जीवनी बने रहिये ऐसे तमाम इन्फोर्मेटिक ख़बरों से अपडेट रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब कीजिये वीडियो को लाईक कीजिये और ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिये।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: