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सहरसा के शीतलन केन्द्र, बिहरा , संकुल संघ की बहुत सारी दीदीयाँ सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत किराना दुकान

जिला पदाधिकारी, सहरसा द्वारा जीवकिा दीदी द्वारा चालये जा रहे कौशिकी महिला दुग्ध उत्पादन कंपनी लिमिटेड, सहरसा के शीतलन केन्द्र, बिहरा, सŸारकटैया का भ्रमण कार्यक्रम हुआ। उनके द्वारा शीतलन केन्द्र में चल रहे सभी तरह के कार्यों का निरीक्षण किया। इस शीतलन केन्द्र में दूध का शीतलन के साथ-साथ जीविका दही, जीविका पनीर, जीविका खुआ, जीविका घी आदि बनाया जा रहा है। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा कम्पनी को और बेहŸार बनाने हेतु कई टिप्स एवं सुझाव दिये, जीविका दही का स्वाद चख कर गुणवŸाा को भी परखा गया। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा उपस्थित सभी जीविका दीदीयों और पदाधिकारियों को नशामुक्ति हेतु शपथ ग्रहण भी करवाया गया। जिला पदाधिकारी के द्वारा जीविका दीदीयों का संगठन सबेरा जीविका संकुल स्तरीय संघ, बिहरा में जीविका दीदीयों के साथ बैठक किये। बैठक में जीविका दीदीयों द्वारा जिला पदाधिकारी को टीका लगाकर एवं फूलों की माला पहना कर स्वागत किया गया। संकुल संघ की अध्यक्ष मंजू दीदी ने जिला पदाधिकारी को संकुल संघ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संकुल संघ की बहुत सारी दीदीयाँ सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत किराना दुकान, श्रृंगार की दुकान, चप्पल -जूता की दुकान सफलतापूर्वक चला रही है। जिला पदाधिकारी द्वारा जीविका दीदीयों का अभिनंदन करते हुये कहा कि आपलोग बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। आपलोगों ने दूध वाली कंपनी बनाई है वो बहुत अच्छी है। जीविका दीदी बिहार में बहुत अच्छा कार्य कर रहीं इसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। आपलोगों की वजह से बिहार में शराब बंदी सफल है। इस कार्यक्रम अनुमंडल पदाधिकारी सदर सहरसा, भू-अर्जन पदाधिकारी, सहरसा, जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी, सहरसा, आई.टी.प्रबंधक, सहरसा, उपाधीक्षक मद्य निषेध, सहरसा उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के बाद जिला पदाधिकारी द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पंचगछिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उनके द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया:- अग्निशामक यंत्र बहुत पुराना था जिसमें एक्सपायरी की तारीख और मैनुफैक्चरिंग का तारीख मेनसन नहीं था, जिसे अविलम्ब रिफिल कराते हुये मैनुफक्चरिंग तारीख और एक्सपायरी डेट अंकित कराने का निदेश दिया। प्रसव कक्ष में दो रेडिएन वार्मर अवस्थित था। जिसमें से एक अक्रयाशील अवस्था में था। उसे अविलम्ब ठीक कराने का निर्देश दिया गया। साथ हीं डोपलर एवं वेट मशीन को भी क्रियाशील करने हेतु निदेशित किया गया। शौचालय को भी मरम्मत कराने का निदेश दिया गया। डेंटल ओपीडी के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि डेंटल चेयर पर गंदगी जमीं हुई थी जिससे साफ प्रतीत होता है कि दंत चिकित्सक के द्वारा डेंटल संबंधी कार्य नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण के क्रम में दंत चिकित्सक अनुपस्थित थे। दवा भंडार के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि थर्माशिस्ट दवा भंडार को सुसज्जित ढ़ंग से नहीं रखा गया था। दवा यत्र-तत्र बिखरा हुआ पाया गया। साथ हीं स्टाॅक रजिस्टर मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि यदि उक्त कर्मी के कार्यों में अगले सात दिनों में सुधार नहीं होता है तो उनपर अनुशासनिक कारवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। बायोमेडिकल कचड़ा का निष्पादन गाइडलाइन के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। इसको अविलंब सुधार करने का निर्देश दिया गया। रोगियों के पेयजल हेतु दो आर.ओ. वाटर मशीन अक्रियाशील अवस्था में था। दोनों को अविलंब ठीक कराने का निर्देश दिया गया। आॅपरेशन थियेटर में मशीनों को उपयोग में लाने हेतु स्वीच बोर्ड जला हुआ पाया गया। जिसे अविलंब बदलने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के क्रम में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक के द्वारा किये जा रहे कार्यों से असंतोष व्यक्त करते हुए निरक्षण के क्रम में पाये गये त्रुटियों का निराकरण किये जाने तक वेतन बंद करने का निर्देश दिया गया। साथ हीं सभी वार्डों में किसी भी आकस्मिकता से निपटने हेतु साफ-सुथरा बेडों को लगाने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सदर सहरसा, भू-अर्जन पदाधिकारी, सहरसा, सिविल सर्जन, सहरसा आदि उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी का अगला निरीक्षण कार्यक्रम अंचल कार्यालय, सŸारकटैया में किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा आवास$तथा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत लंबित आवास को पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। साथ हीं इंदिरा आवास अंतर्गत 2012-13 से 2015-16 तक के लंबित आवास को पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना में शत-प्रतिशत उपलब्धि है आवास पर्यवेक्षक द्वारा बताया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा मनरेगा अंतर्गत लक्ष्य के विरूद्ध सृजित मानव दिवस, मजदूरों का समय पर भुगतान, काम की पूर्णता, ए.बी.पी.एस., आॅन गोईंग वक्र्स रिजेक्टेड एफ.टी.ओ. एवं जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत लगाये गये वृक्षारोपन, निजी खेत पोखरी, सोखपिट, सार्वजनिक तालाब की उराही इत्यादि की समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिये गये। इसके अलावे अंचल कार्यालय में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम अंतर्गत दायर भूमि विवाद, अतिक्रमण से संबंधित परिवाद, भूमि विवाद के मामलों में थानाध्यक्ष एवं अंचलाधिकारी द्वारा संयुक्त हस्ताक्षर प्रतिवेदन लोक शिकायत निवारण कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावे पेंशन से संबंधित मामले, आर.टी.पी.सी.आर. कार्यालय इत्यादि का निरीक्षण किया गया। पेंशन से संबंधित मामलों में कार्यपालक सहायक के द्वारा आवेदन का निष्पादन नहीं किये जाने पर स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश अंचल अधिकारी, सŸारकटैया को दिया गया।

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