मायागंज अस्पताल में प्लाजमा थेरेपी से इलाज शुरू

 जिले की पहली 60 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला को चढ़ाया गया प्लाज्मा जिले का पहला प्लाज्मा दानकर्ता बना ब्लड बैंक का टेक्निशियन 

भागलपुर, 10 सितंबर

 मायागंज अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज को वरदान माने जा रहे प्लाज्मा थेरेपी का आगाज गुरुवार से हो गया. जिले का पहला प्लाज्मा डोनर बनने का गौरव ब्लड बैंक के टेक्निशियन को मिला. मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार भगत ने बताया कि आईसीयू में डॉ. बिनय कुमार की यूनिट में भर्ती 60 वर्षीय महिला को कोरोना चढ़ाने के लिए चिह्नित किया गया. उसे रात में सफलतापूर्वक प्लाज्मा चढ़ा दिया गया. ब्लड बैंक में आधे घंटे में ही निकाल लिया गया प्लाज्मा: ब्लड बैंक में तैनात रहे टेक्निशियन शानू को कुछ सप्ताह पहले कोरोना हुआ था. उसका एंटीबॉडी स्तर बेहतर था और वह प्लाज्मा डोनेट के लिए तैयार था. दोपहर करीब 12 बजे ब्लड बैंक में लगाये गये प्लाज्मा-प्लेटलेट्स अफेरेसिस मशीन के जरिये उसके शरीर से सिर्फ 400 एमएल प्लाज्मा निकाला गया. ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. रेखा झा ने बताया कि चूंकि इस प्लाज्मा को 24 घंटे के अंदर किसी कोरोना संक्रमित को चढ़ाया जाना जरूरी था, ताकि कोरोना संक्रमित को यह प्लाज्मा चढ़ाने के बाद उसके शरीर में कोरोना के खिलाफ तेजी से एंटीबॉडी बन सके. शुक्रवार को तीन और लोग प्लाज्मा दान करने के लिए ब्लड बैंक में आएंगे. एक व्यक्ति 15 दिन में तीन बार कर सकता है प्लाज्मा दान: ब्लड बैंक की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिव्या सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से उबर चुका व्यक्ति 48 घंटे के अंतराल में दो बार व 15 दिन बाद तीसरी बार प्लाज्मा दान कर सकता है. प्लाज्मा दान करने वाले व्यक्ति को सरकार की तरफ से पांच हजार रूपये प्रति यूनिट की दर से प्रोत्साहन राशि दिया जायेगा, जो कि उसके खाते में सीधे राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा ट्रांसफर किया जायेगा. अबतक 70 से अधिक लोगों ने प्लाज्मा दान करने की दी सहमति: घंटाघर स्थित कोविड केयर सेंटर में तैनात डॉ. अमित कुमार शर्मा बताते हैं कि स्वस्थ हुए लोगों में से अब तक कुल 70 से अधिक लोगों ने अपने-अपने प्लाज्मा दान करने की सहमति प्रदान की है. इन लोगों के नाम, पता व मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जा चुका है, ताकि प्लाज्मा की जरूरत पड़ने पर इन लोगों को जेएलएनएमसीएच के ब्लड बैंक तक पहुंचाकर प्लाज्मा दान कराया जा सके. एक व्यक्ति के प्लाज्मा से बचेगी चार कोरोना मरीजों की जान: प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीजों का इलाज बहुत ही कारगर साबित हो रहा है. अभी पटना के एम्स व आईजीआईएमएस में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना इलाज चल रहा है. कोरोना डेडिकेटेड मायागंज अस्पताल के नोडल प्रभारी डॉ. हेमशंकर शर्मा बताते हैं कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए एक व्यक्ति द्वारा दिये गये प्लाज्मा दान से चार कोरोना मरीजों की जान बचायी जा सकेगी. कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए लोगों में कोरोना संक्रमण के विरुद्ध एंटीबॉडी विकसित हो चुकी होती है. उसी एंटीबॉडी को प्लाज्मा के जरिये कोरोना मरीजों को चढ़ाया जायेगा, ताकि वे कोरोना से जल्दी ठीक हो सकेंगे. अगर इस थेरेपी का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल हुआ तो जिले में हर रोज कम से कम 25 यूनिट प्लाज्मा की जरूरत होगी.

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