अनलॉक में संक्रमण से बचाव के लिए सतर्कता की बढ़ गई है जरूरत

  • जिले में अनलॉक-4 के दौरान जनजीवन अब पहले की तरह सामान्य देखा जा रहा है
  • निजी कारोबार, बाजार और सरकारी कार्यालयों में कार्य ने गती पकड़ ली है
  • संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है, इसलिए सुरक्षा के नियमों का पालन है जरूरी
  • भीड़ लगाने से बचना और शारीरिक दूरी का सबको रखना होगा ख्याल

बेगुसराय, 9 सितम्बर।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद अनलॉक-4 में सामान्य जनजीवन शुरू हो चुका है। जिले में निजी कारोबार और सरकारी कार्यालयों को फिर से खोला जा चुका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में कोविड-19 पर नजर रखी जा रही है। वहीं महामारी से निपटने और बचाव के लिए सुरक्षा के मानकों को अपनाने के साथ ही अब बड़े पैमाने पर टेस्टिंग भी हो रही है। अनलॉक में लोगों की सुविधा के लिए कई तरह की रिरायतें दी गई हैं। हालांकि अभी संक्रमण टला नहीं है, इसलिए समाज के लोगों को प्रशासन का साथ देना होगा। लोग सजग और जागरूक होकर घर से निकलें और कार्य करें तो वे सुरक्षित रहेंगे। हालांकि मास्क के प्रयोग के प्रति लोगों में जागरूकता तो देखी जा रही है, लेकिन शारीरिक दूरी का कई जगह अब भी अभाव है। प्रशासन हर वक्त आपको सजग और सुरक्षित करने के लिए आपके साथ नहीं रह सकता, इसलिए इस वक्त अपनी व दूसरों की सुरक्षा का ख्याल आपको स्वयं रखना होगा।

अनलॉक का समझें उद्देश्य, बरतें सतर्कता:
लोगों की परेशानी खत्म हो और जनजीवन सामान्य रूप से चल सके इसलिए सरकार ने लॉकडाउन हटाकर अनलॉक की शुरुआत की है। हालांकि इसका यह मतलब बिलकुल भी नहीं है कि कोविड-19 के संक्रमण का खतरा कम हो गया है। जो लोग ऐसा समझ रहे हैं, वह गलती कर रहे हैं। अनलॉक का उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों का संचालन कर आमजन को सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इसलिए आमजन अनलॉक में कोरोना वैश्विक महामारी के प्रति गंभीरता को न भूलें और अनलॉक में भी लॉकडाउन की भांति कोविड-19 बचाव संबंधी नियमों व हिदायतों की अनुपालना करें। इस बीमारी के फैलाव को उपाय व सावधानियां बरतकर ही रोका जा सकता है।

कार्यालयों में सैनिटाइजेशन, शारीरिक दूरी और स्क्रीनिंग जरूरी:
जिले में चाहे बैंक हो या दफ्तर अनलॉक में ये समय पर खुलने के साथ बंद हो रहे हैं। हालांकि इस दौरान दफ्तरों में दो गज यानी 6 फीट की दूरी के साथ सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग का प्रयोग जरूरी है। इसके साथ ही कर्मचारियों को आरोग्य सेतु एप के इस्तेमाल की सलाह दी गई है। वहीं समय समय पर कार्यालय को सैनिटाइज भी किया जाना है। इसके साथ ही वहां कार्य से आने वालों के लिए निर्देश भी चस्पा कर दिए गए हैं। हालांकि नियमों का पालन करवाने और इसकी सतत निगरानी की जरूरत सबसे ज्यादा है।

लक्षण नजर आते ही करा लें जांच:
कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सुरक्षित रहने का एकमात्र उपाय है। आज जब बाजार, दुकान और सड़कों पर भीड़ बढ़ रही है, वहां शारीरिक दूरी और मास्क सुरक्षा के सबसे बड़े हथियार साबित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में टेस्टिंग की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है। अनलॉक में आवश्यक इस बात की बढ़ गई है कि लोग अपनी सुरक्षा का ख्याल सबसे ज्यादा रखें। संक्रमण का अगर कोई भी लक्षण नजर आता है तो जल्द से जल्द जांच करा लें। सेहत का बेहतर रूप से ख्याल रखें और अपने साथ समाज को भी संक्रमण से मुक्त रखें।

अनलॉक के दौरान ये सावधानियां बरतनी है बेहद जरूरी:

  • घर से निकलने पर मास्क पहने और सैनिटाइजर अपने साथ अवश्य रख लें।
  • भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, सड़कों-गलियों में खड़े हो चर्चा में न लग जाएं।
  • बाजार, दुकान व सड़क पर शारीरिक दूरी के नियमों का विशेष रूप से पालन करें।
  • बाहर से आएं तो हाथों को अच्छे से धोने और स्वच्छता को देखते हुए ही घर में प्रवेश करें।
  • बाहरी सामानों खासकर फल-सब्जी को अच्छे से धोकर और पकाकर उपयोग में लाएं।

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