अभी मॉर्निंग वॉक से करें परहेज, घर पर ही करें कसरत

-बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता होती है कम, हो सकते हैं बीमार
-गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग भी इस मौसम बरतें अधिक सावधानी

बांका-

जिलेभर में अभी शीतलहर का दौर चल रहा है | तापमान 10 डिग्री से नीचे रह रहा है| ऐसे मौसम में तमाम तरह की बीमारियों की संभावना बनी रहती है| कोरोना काल भी चल रहा है| ऐसे में सतर्क रहना ही बेहतर है| मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी अभी कुछ दिन घर पर ही कसरत करनी चाहिए| सुबह- सुबह धुंध के बीच टहलना तमाम तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है|
अभी के मौसम में घर पर ही योग या फिर व्यायाम कर लेना चाहिए-

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि किसी भी मौसम में लोगों को परहेज से ही रहना चाहिए| हां, यह बात सही है कि सर्दी के मौसम में थोड़ी सावधानी ज्यादा बरतनी पड़ती है.| इस मौसम में सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या आम बात है.| अगर ऐसे लक्षण दिखे तो ज्यादा चिंतित होने की बात नहीं है, लेकिन इससे बचने के लिए सावधानी जरूरी है.| सुबह में टहलने वाले लोगों को भी अभी कुछ दिन घर पर ही योग
या फिर व्यायाम कर लेना लेना चाहिए|.

बुजुर्ग और बीमारों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए खतरा:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि बुजुर्ग लोग या फिर बीमार व्यक्ति को ऐसे मौसम में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे लोग तो भूल से भी मॉर्निंग वॉक पर ना निकलें.| दरअसल, बुजुर्गों लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है|, इससे वह बीमारियों की चपेट में आसानी से आ जाते हैं|. वहीं दमा, शुगर और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति के लिए भी ऐसे मौसम में निकलना ठीक नहीं है|. जिन्हें सांस की बीमारी है, उनको भी अभी सुबह-सुबह बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए|. धुंध में मौजूद नुकसानदायक कण से ऐसे लोगों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं.|

धूप निकलने पर घर से निकलें बाहर और शाम ढलने से पहले चले जाएं घर:
डॉक्टर. चौधरी कहते हैं कि अभी के मौसम में आमतौर पर सुबह 10 बजे के बाद धूप आ जाती है|. उसके बाद लोग धूप सेक सकते हैं या फिर जरूरी काम से बाहर भी जा सकते हैं, लेकिन शाम ढलने से पहले घर आ जाने में ही बेहतरी है.| शाम होने के बाद कनकनी बढ़ने लगती है और धुंध भी छाने लगता है.|

सर्दी, खांसी या फिर वायरल होने पर डरे नहीं:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि सर्दी, खांसी या फिर वायरल की समस्या होने पर डरने की बात नहीं है.| इनमें से किसी तरह का लक्षण दिखे तो डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करा लें.| खुद से डॉक्टर बनने की कोशिश बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए|. अगर लगातार तीन दिनों तक बुखार हो तो फिर कोरोना जांच करा लेनी चाहिए|.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

बांका-

जिलेभर में अभी शीतलहर का दौर चल रहा है | तापमान 10 डिग्री से नीचे रह रहा है| ऐसे मौसम में तमाम तरह की बीमारियों की संभावना बनी रहती है| कोरोना काल भी चल रहा है| ऐसे में सतर्क रहना ही बेहतर है| मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी अभी कुछ दिन घर पर ही कसरत करनी चाहिए| सुबह- सुबह धुंध के बीच टहलना तमाम तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है|
अभी के मौसम में घर पर ही योग या फिर व्यायाम कर लेना चाहिए-

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि किसी भी मौसम में लोगों को परहेज से ही रहना चाहिए| हां, यह बात सही है कि सर्दी के मौसम में थोड़ी सावधानी ज्यादा बरतनी पड़ती है.| इस मौसम में सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या आम बात है.| अगर ऐसे लक्षण दिखे तो ज्यादा चिंतित होने की बात नहीं है, लेकिन इससे बचने के लिए सावधानी जरूरी है.| सुबह में टहलने वाले लोगों को भी अभी कुछ दिन घर पर ही योग
या फिर व्यायाम कर लेना लेना चाहिए|.

बुजुर्ग और बीमारों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए खतरा:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि बुजुर्ग लोग या फिर बीमार व्यक्ति को ऐसे मौसम में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे लोग तो भूल से भी मॉर्निंग वॉक पर ना निकलें.| दरअसल, बुजुर्गों लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है|, इससे वह बीमारियों की चपेट में आसानी से आ जाते हैं|. वहीं दमा, शुगर और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति के लिए भी ऐसे मौसम में निकलना ठीक नहीं है|. जिन्हें सांस की बीमारी है, उनको भी अभी सुबह-सुबह बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए|. धुंध में मौजूद नुकसानदायक कण से ऐसे लोगों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं.|

धूप निकलने पर घर से निकलें बाहर और शाम ढलने से पहले चले जाएं घर:
डॉक्टर. चौधरी कहते हैं कि अभी के मौसम में आमतौर पर सुबह 10 बजे के बाद धूप आ जाती है|. उसके बाद लोग धूप सेक सकते हैं या फिर जरूरी काम से बाहर भी जा सकते हैं, लेकिन शाम ढलने से पहले घर आ जाने में ही बेहतरी है.| शाम होने के बाद कनकनी बढ़ने लगती है और धुंध भी छाने लगता है.|

सर्दी, खांसी या फिर वायरल होने पर डरे नहीं:
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि सर्दी, खांसी या फिर वायरल की समस्या होने पर डरने की बात नहीं है.| इनमें से किसी तरह का लक्षण दिखे तो डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करा लें.| खुद से डॉक्टर बनने की कोशिश बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए|. अगर लगातार तीन दिनों तक बुखार हो तो फिर कोरोना जांच करा लेनी चाहिए|.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.